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खाकी की छांव में वर्ल्ड कप पर सट्टा? रिकॉर्डिंग वायरल

Wed, 25 Mar 2015 12:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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वर्ल्डकप का खुमार सभी क्रिकेट प्रेमियों के सिर चढ़कर बोल रहा है। क्रिकेट का यह पहलू हम सभी जानते हैं, लेकिन दूसरा पहलू कम लोग ही जानते हैं। इसके जरिये हजारों करोड़ रुपये का सट्टा लगता है।
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जिले में क्रिकेट पर सट्टेबाजी को लेकर नया मामला प्रकाश में आया है। भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा और नौजवान भारत सभा के पदाधिकारियों ने सट्टेबाजी में पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कुछ फोन कॉल रिकार्डिंग जारी की हैं।

इनमें एक सट्टेबाज को छोड़ने के लिए लाखों रुपये रिश्वत लेने की बात सामने आ रही है। हालांकि इस मामले में अभी तक पुलिस अधीक्षक को शिकायत नहीं भेजी गई है।
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सरकार बदली, पुलिस वाले बदले, पर सट्टेबाजी जारी

इस संदर्भ में भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष एवं पार्षद विमल किशोर के कार्यालय में पत्रकारवार्ता का आयोजन भी किया गया। वार्ता में विमल किशोर और नौजवान भारत सभा के एडवोकेट पंकज त्यागी ने बताया कि पिछले साल सट्टेबाजी और फाइनेंसरों के खिलाफ उन्होंने मुहिम छेड़ी थी।

इसके तहत तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अरूण नेहरा को सट्टेबाजों और फाइनेंसरों की लिस्ट थी, लेकिन उस लिस्ट पर आज तक कार्रवाई नहीं की गई है।

विमल किशोर के अनुसार उस दौरान आरटीआई में भी लिस्ट पर कार्रवाई के संदर्भ में जानकारी मांगी गई थी, लेकिन पुलिस-प्रशासन द्वारा जवाब दिया गया कि ऐसी कोई लिस्ट उनके पास नहीं है।

इन्होंने आरोप लगाए हैं कि बेशक से सरकार बदल गई है या पुलिस कप्तान बदल गए हैं, लेकिन अब भी सट्टेबाजी का धंधा खाकी छांव तले सुरक्षित चल रहा है।

21 मार्च को काबू किए थे सट्टेबाज

विमल किशोर ने आरोप लगाया कि स्पेशल स्टाफ में तैनात एक एएसआई ने 21 मार्च को अंसल प्लाजा में तीन सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया था।

सट्टेबाजों को गिरफ्तार करने के बाद एएसआई ने सोनीपत के एक बुकी को फोन करके उससे उन सट्टेबाजों को छोड़ने की एवज में पैसे की मांग की। जब बुकी पैसे देने को तैयार हो गया तो उसने पकडे़ हुए सट्टेबाजों को छोड़ दिया।

विमल किशोर ने इस मामले में एएसआई के अलावा एक हवलदार के टेप के बारे में भी जिक्र किया है। जिसमें हवलदार द्वारा लाखों रुपये का सट्टा खेलने की बात उजागर हुई है।

इन फोन रिकार्डिंग के दम पर विमल ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी खुद क्रिकेट पर सट्टा खेलते हैं और सट्टेबाजों को खेलने भी देते हैं।

क्या है पहली रिकार्डिंग में, पढ़िए

पहला पक्ष -क्या हाल है संजय
दूसरा पक्ष -बढ़िया जी
पहला पक्ष -एक तेरा जानकार बैठा है मेरे पास
दूसरा पक्ष -क्या नाम है।
पहला पक्ष -(दूसरे से नाम पूछकर) नन्नू
दूसरा पक्ष -बात कराना
दूसरा पक्ष -हैलो
पहला पक्ष -(यहां से दूसरे व्यक्ति की आवाज सुनाई देती है।) हां
दूसरा पक्ष -तू क्या कर रहा था।
पहला पक्ष -बैठा था, भइया आए हुए थे और यहां ले आए।
दूसरा पक्ष -तू कहां बैठ था मैच पर या खाली
पहला पक्ष -मैच पर ही बैठा था।
पहला पक्ष -(यहां से वो ही पहले वाला व्यक्ति बात करना शुरू कर देता है) क्या करना है
दूसरा पक्ष -छोड़ दो, भाई जी का पड़ोसी है, भाई जी के घर की एक ही दीवार है।
पहला पक्ष -जुबान तेरी होगी
दूसरा पक्ष - जुबान भाई जी से करवा देगा ये।
पहला पक्ष - मुझे नहीं पता जुबान तेरी होगी।
दूसरा पक्ष - ठीक है मैं बात करता हूं, एक बार बात कराना।
दूसरा पक्ष - नन्नू क्या करना है बता
पहला पक्ष - (अब फिर से आवाज बदल जाती है।) देख लो बात कर लो आप भाई जी से, काम तो कर लेंगे, भइया को कह दो आप
दूसरा पक्ष - क्या कहूं
पहला पक्ष - अपने हिसाब से बात कर लो
दूसरा पक्ष - अपना हिसाब से बात कर यार मैं तो कर लूंगा
पहला पक्ष - वो कह रहे हैं कि अपने हिसाब से कर लो
पहला पक्ष - (अब फिर से पहले वाला व्यक्ति बात करता है) हैलो क्या करना है।
दूसरा पक्ष - मैं करता हूं अभी
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क्या है दूसरी रिकार्डिंग में, पढ़िए

दूसरा पक्ष -हां जी
दूसरा पक्ष -हैलो
दूसरा पक्ष -हैलो
पहला पक्ष -हां
दूसरा पक्ष -भाई जी कह रहे हैं कि दो मिनट का टाइम
पहला पक्ष -जल्दी बता नहीं तो दूसरे हिसाब से चलें, तू मुझे ये बता कि
दूसरा पक्ष -हां जी क्या बताऊं
पहला पक्ष -(यहां से आवाज बदल जाती है) भइया आप इनको ओके कर दो, नेट 1 घंटे में पैसे पहुंच जाएंगे आपके पास।
दूसरा पक्ष पक्ष-भाईजी हां नहीं भर रहा, पापा से पूछ लूं, मौसी से पूछ लू बोल रहा है।
पहला पक्ष - ये बात भाई जी से कर लेना
दूसरा पक्ष - ठीक है।

तीसरी रिकार्डिंग
दूसरा पक्ष - हां जी, 1.40 की करी है उसने, ओके हो गया जी
पहला पक्ष -ठीक है, ओके हो गया।

चौथी रिकार्डिंग
दूसरा पक्ष-हां जी
पहला पक्ष-क्या हाल है भाई साहब
दूसरा पक्ष-ठीक है।
पहला पक्ष-उस बंदे का मेरे पास फोन आया था, उसको बोलो कि मेरे पास फोन न करे, मेरे से मिले भी ना, सीधे आप ही बात कर लो उससे।
दूसरा पक्ष-ठीक है।
नोट :- इस रिकार्डिंग में पहला पक्ष पुलिस कर्मी और उसके द्वारा पकड़ा गया सट्टेबाज बताया जा रहा है, वहीं दूसरा पक्ष एक बुकी को बताया जा रहा है।

इस तरह की कोई भी शिकायत अभी तक मेरे पास नहीं आई है। अगर ऐसा कोई मामला है तो मुझे सबूत दिए जाएं। मैं तो वैसे भी भ्रष्टाचार के खिलाफ हूं। आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-अशोक कुमार, पुलिस अधीक्षक, सोनीपत
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