सावधान! यदि आप बाजार में खरीद फरोख्त के लिए निकले हैं तो पांच सौ या हजार के नोटों की असली नकली की जांच करने के साथ-साथ सौ के नोटों की जांच करना न भूलें। क्योंकि इन दिनों मार्केट में पांच सौ या हजार के नहीं सौ-सौ के नकली नोटों मिलने का मामला सामने आ रहा है। इसका शिकार अनपढ़ ही नहीं पढ़ा लिखा वर्ग भी हो रहा है।
ऐसे ही एक धोखाधड़ी का शिकार हरियाणा रोडवेज की बस का परिचालक हुआ है। दिल्ली से पानीपत आ रही पानीपत डिपो की एक बस में परिचालक ने जब टिकटें काटनी शुरू की तो यात्रियों ने एक के बाद एक सौ-सौ के तीन नकली नोट थमा दिए।
दिल्ली से पानीपत तक का किराया 105 रुपये हैं ऐसे में लाजिमी है कि ये तीनों यात्रियों ने ही दिए होंगे या हो सकता है कि एक ही यात्री ने अपने समेत तीन की टिकटें खरीदी हों। मगर कंडक्टर नकली नोटों को पहचान नहीं पाया।
नकली नोट पकड़ में आ गए
बस के डिपो पहुंचने पर परिचालक नगदी जमा कराने कैश रूम पहुंच गया। जैसे ही कैशियर ने सौ के नोटों की गड्डी मशीन में लगाई तो नकली नोट पकड़ में आ गए।
कैशियर ने नोट लेने से इंकार कर दिया। इसका खामियाजा परिचालक को भुगतना पड़ा। वहीं विभाग अधिकारियों की माने तो यह कोई पहला मामला नहीं है। हर माह ऐसे कई मामले आ रहे हैं।
सुलतान सिंह, जीएम, पानीपत डिपो के अनुसार आजकल पांच सौ या हजार के नोटों के बजाय सौ के नोटों का प्रचलन बढ़ा है। लोग पैसे के लेन देन में बड़े नोटों पर ही अधिक ध्यान देते हैं। इसलिए नकली नोटों से धोखाधड़ी करने वालों ने अब सौ के नोट जारी कर लोगों को चपत लगानी शुरू कर दी है। इसलिए पैसे के लेन देन में सतर्क रहना जरूरी है।