घर से भागी नरवाना की एक युवती ने अपने एक ऐसे दोस्त को शादी का प्रस्ताव दिया, जिसने उसे खोजने में उसके माता-पिता की दिन रात मदद की। हालांकि युवती को भगाने में परिजनों की तरफ से उस पर भी आरोप लगे।
युवती जब मिली तो उसने परिजनों को साफ कहा कि आखिर मेरे दोस्त पर आरोप तो लग ही रहे हैं... फिर क्यों न मैं इससे ही शादी कर लूं। दोनों हिसार रेलवे स्टेशन पर राजकीय रेलवे पुलिस को मिले। पुलिस को मामले की भनक तब लगी जब युवती के परिजन युवक के साथ रेलवे फुट ओवर ब्रिज पर मारपीट कर रहे थे।
पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर जब पूछताछ की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। पूछताछ के बाद युवक युवती को राजकीय रेलवे पुलिस ने नरवाना पुलिस के हवाले कर दिया।
गुमराह करने के लिए नहर पर छोड़ी चप्पल व कपड़े
रेलवे पुलिस ने बताया कि युवती 16 अक्तूबर को घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने जब उसकी तलाश शुरू की तो उन्हें नहर पर युवती की चप्पल व कपड़े मिले, जिससे परिजन गुमराह हो गए। उन्होंने सोचा कि शायद बेटी नहर में डूब गई। उन्होंने तलाश शुरू की। इसी बीच परिजनों को पता चला कि गांव के ही दो युवक उनकी बेटी के संपर्क में थे। इनमें से एक युवती का तथाकथित प्रेमी था और दूसरा उसका दोस्त। परिजनों ने युवती के कथित प्रेमी का दोस्त से संपर्क किया और उस पर दबाव बनाया कि वह किसी तरह से उनकी बेटी को वापस बुलाए। वह युवक लगातार 15 दिन तक उसे ढूंढवाने में परिजनों की मदद करता रहा। उसने किसी तरह युवती को हिसार रेलवे स्टेशन पर बुला लिया और परिजनों को फोन कर दिया। परिजनों ने लड़की के मिलते ही उसके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी और आरोप लगाया कि उसने ही उनकी बेटी को भगाया है। युवती ने अपने दोस्त पर आंच आती देख कहा कि इस पर तो आरोप लग ही रहे हैं, अब तो मैं इससे ही शादी करूंगी।