चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की विभिन्न आवासीय योजनाओं में खाली पड़े करीब 20 मकानों की नीलामी हो सकती है। सीएचबी बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर्स की वीरवार को होने वाली बैठक में यह तय होगा कि खाली मकानों की नीलामी की जानी है या नहीं?
सीएचबी की आवासीय योजनाओं में जिन अलॉटियों को मकान अलॉट हुए थे उनमें से कुछ ने इसे सरेंडर कर दिया था या बाद में सीएचबी ने किसी कारण से इनकी अलॉटमेंट रद्द कर दी थी।
सालों से सीएचबी के लगभग 20 मकान खाली पड़े हैं, जिससे यह मकान खराब हो रहे हैं। यही वजह है कि सीएचबी ने अब बोर्ड के समक्ष यह प्रस्ताव रखा है कि खाली पड़े इन मकानों को अब अलॉट कर दिया जाए।
अगर बोर्ड नीलामी करने की मंजूरी दे देता है तो सीएचबी इन मकानों को बेचकर करोड़ों रुपये की कमाई करेगा। चार साल पहले सीएचबी ने सेक्ट-51 में एश्योर्ड अलॉटमेंट स्कीम के तहत फ्लैटों की नीलामी की थी जिसमें टू बेडरूम का फ्लैट एक करोड़ में नीलाम हुआ था।
बैठक में शहर के विभिन्न सेक्टरों में खाली पड़ी प्रॉपर्टी को किराए पर देने पर विचार होगा। शहर के विभिन्न सेक्टरों में सीएचबी के 143 बूथ खाली पड़े हैं और इन बूथों के लिए सीएचबी को लंबे समय से खरीदार नहीं मिल रहे हैं।
सीएचबी ने इन खाली बूथों को नीलाम करने की कोशिश कई बार की, लेकिन सीएचबी को सफलता नहीं मिली। बैठक में सीएचबी में चीफ इंजीनियर के पद पर नियुक्ति को लेकर भी फैसला होगा। साथ ही बैठक में सीएचबी के कर्मचारियों को दिवाली पर बोनस देने का भी फैसला लिया जाएगा।