मामला हरियाणा के यमुनानगर का है, सिविल अस्पताल में एंबुलेंस पर कार्यरत एक ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन) ने अपने घर में दरवाजे की चौखट पर चिटकनी में जूते के फीते से फंदा लगाकर जान दे दी। अप्रैल माह में ही युवक की चंडीगढ़ पुलिस में तैनात एक युवती से शादी होनी थी।
मृतक के पिता का कहना है कि उसका बेटा शादी करने से डरता था। आशंका जताई जा रही है कि इसी के चलते वह मानसिक रूप से परेशान था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। शहर की छोटी लाइन स्थित प्रतापनगर निवासी सालिगराम मुंडा खेड़ा के सरकारी स्कूल में टीचर हैं। सालिगराम ने बताया कि दस जनवरी को उनकी पत्नी उर्मिला उनकी बेटी के पास पंचकूला गई थी। इस दौरान घर पर वह और उनका बेटा विकास थे। रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह नाश्ता बनाकर वह स्कूल चले गए।
दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जब वह स्कूल से लौटे तो उन्होंने देखा कि घर का दरवाजा अंदर से बंद है। उन्होंने विकास को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। बेटे को फोन किया, लेकिन उसने फोन भी नहीं उठाया। इस दौरान आसपड़ोस के लोग इकट्ठा हो गए। लोगों की मदद से घर का दरवाजा तोड़ा तो देखा विकास कमरे के दरवाजे की चौखट की चिटकनी से जूतों के फीते के फंदे पर लटका हुआ था। उन्होंने तुरंत उसे उतारा और अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। अर्जुन नगर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई आरंभ कर दी।