अज्ञात नकाबपोश व्यक्ति जिला अदालत के अलमद रूम में घुस गया और उसने अरबों रुपयों से जुड़े केसों की फाइलों को आग लगा दी। घटना अंबाला की है। वारदात को अंजाम देकर जब आरोपी भाग रहा था, तो उसकी एक झलक वहीं लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गई, हालांकि अंधेरा होने व सीसीटीवी फुटेज की लो क्वालिटी की वजह से आरोपी के हुलिए की पहचान नहीं हो पा रही है।
वारदात का पता सुबह उस समय चला जब सफाईकर्मी ने एक कमरे से धुआं निकलता देखा। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस और कोर्ट के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरू की गई। पुलिस प्रशासन ने कोर्ट की सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी को सस्पेंड और दस को लाइन हाजिर कर दिया है।
पुलिस के अनुसार सफाईकर्मी सलेंद्र सिंह ने रिपोर्ट में बताया कि सुबह जब कोर्ट परिसर में पहुंचा, तो अलमद रूम में से निकल रहे धुएं और टूटे दरवाजे को देखा। अंदर देखा तो जली फाइलों की राख का ढेर बना था और उससे हल्का धुआं उठ रहा था। वहां पड़ा फर्नीचर व अन्य सामान का भी कुछ हिस्सा आग से जल चुका था।
सफाईकर्मी ने इसकी सूचना कोर्ट सुपरीटेंडेंट को दी और इसके बाद जिला जज, पुलिस कमिश्नर व डीसीपी को भी अवगत करवाया गया। सभी ज्यूडिशरी व पुलिस के अफसर मौके पर पहुंच गए। पुलिस एक्सपर्ट की टीम भी मौके पर पहुंच गई और संबंधित क्षेत्र को सील कर दिया। फोरेंसिक जांच के लिए भी एक स्पेशल टीम को बुलवाया गया। जिला एवं सत्र न्यायधीश दीपक गुप्ता का कहना है कि इस मामले में सीजेएम की निगरानी में भी विशेष टीम अलग से जांच करेगी।
अरबों रुपये के विवादित केसों की थी फाइलें
अज्ञात व्यक्ति ने 1500 महत्वपूर्ण केसों से जुड़ी फाइलों को अलमारी से निकालकर कमरे के अंदर ही आग लगा दी। सूत्रों के अनुसार इन केसों में दीवानी और फौजदारी दोनों ही प्रकार के मामले थे। दिवानी केसों में अरबों रुपये के प्रापर्टी विवाद शामिल थे। दीवानी मामलों में कई ऐसे मूल दस्तावेज भी थे, जिन्हें विचाराधीन केसों के लिए संबंधित फाइलों में लगाया हुआ था।
एक सस्पेंड, दस लाइन हाजिर
ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर पुलिस प्रशासन ने एक कर्मी को सस्पेंड कर दिया है, वहीं दस को लाहन हाजिर किया गया है। डीसीपी अरबन जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि ड्यूटी में लापरवाही के कारण ईएएसआई भाग सिंह को सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू की गई है। इसी तरह उपनिरीक्षक बलजीत सिंह, पुलिसमर्की राकेश कुमार, खैराती लाल, सुरजीत सिंह, सुखबीर सिंह, कर्म सिंह, योदा सिंह, अनिल कुमार, राजेश कुमार, सिपाही पवन लाइन में भेजकर विभागीय जांच शुरू की है। जांच एसीपी पंखुड़ी कुमार को सौंपी गई है।
मामला काफी गंभीर है। सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। फोरेंसिक एक्सपर्ट व क्राइम विशेषज्ञ भी सुराग ढूंढ रहे हैं। कोर्ट की सुरक्षा की भी समीक्षा की जाएगी।
-ओपी सिंह, पुलिस कमिश्नर, अंबाला