पूर्व डीएसपी राका गेरा के खिलाफ दर्ज रिश्वत केस के शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अकालियों का नाम लेने के बाद उसे धमकियां मिल रही हैं।
सीबीआई ने जुलाई-2011 में केके मल्होत्रा की शिकायत पर डीएसपी राका गेरा को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। केस की पिछली सुनवाई के दौरान मल्होत्रा ने अदालत में अपने बयान से पलटते हुए कहा था कि मोहाली शिअद देहाती प्रधान जसपिंदर लाली व कुछ पुलिसकर्मियों ने उससे साठ लाख रुपये ले लिए।
रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुल्लांपुर के प्रापर्टी कारोबारी मल्होत्रा ने कहा कि उन्होंने सीबीआई को दी शिकायत में लाली का नाम लिया था, लेकिन सीबीआई ने उस शिकायत पर केस दर्ज नहीं किया।
मल्होत्रा ने बताया कि उनके खिलाफ कई मामलों की जांच पुलिस के विभिन्न अधिकारियों के पास पेंडिंग थी। जैसे ही डीएसपी राका गेरा केस में गवाहियां शुरू होने को आईं, उसे पुराने मामलों में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जहां उस पर दबाव डाला गया गया।
केस की पिछली सुनवाई के दौरान उसने अदालत में कहा कि पुराने केस रफा-दफा करने के लिए अकाली नेता जसपिंदर लाली व गुरजीत सिंह मल्ली, ईओ विंग के दीदार सिंह, कुलदीप सिंह, सुपिंदर सिंह व नरिंदर ने उससे करीब साठ लाख रुपये रिश्वत ली है।
जबसे उसने अदालत में इन लोगों का नाम लिया है, उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं, उसकी जान को खतरा है। मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने न तो उसकी सुरक्षा के लिए कुछ किया, न ही इन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।