इस दौरान पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान बरिंदर सिंह ढिल्लों लघु सचिवालय के मुख्य गेट के ऊपर चढ़ गए तो पुलिस ने कुछ समय के बाद गेट खोल दिया। इसके बाद सभी कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ताओं ने एसएसपी दफ्तर में दाखिल होने का प्रयास किया तो यहां भी पुलिस से धक्कामुक्की हुई और पुलिस ने दफ्तर के बाहर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया।
कुछ सीनियर नेताओं को ही एसएसपी दफ्तर में दाखिल होने दिया। इस धक्कामुक्की के दौरान एसएसपी दफ्तर के मुख्य द्वार का शीशा भी टूट गया। काफी समय तक अलका लांबा समेत पंजाब कांग्रेस के प्रधान राजा वड़िंग, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व कैबिनेट मंत्री सुख सरकारिया, सुखजिंदर सिंह रंधावा, गुरकीरत सिंह कोटली, राज कुमार चब्बेवाल, बलबीर सिंह सिद्धू, तृप्त रजिंदर बाजवा, भरत भूषण आशु, जीपी सिंह, हरमिंदर सिंह गिल, लखवीर सिंह लखा, बरिंदर सिंह ढिल्लों एसएसपी दफ्तर में बैठे रहे लेकिन वहां एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग दफ्तर में नहीं मिले।
इसके बाद कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग ने बाहर आकर नाराजगी जताई और कहा कि एसएसपी दफ्तर में क्यों हाजिर नहीं हैं। कुछ समय के बाद एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग दफ्तर पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को मामले की फाइल हाईकोर्ट में होने की जानकारी दी और थाना सदर में हाजिरी लगवाने की बात कही।
इस पर कांग्रेस नेता भड़ककर एसएसपी दफ्तर से उठकर बाहर आ गए। प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि दो घंटे इंतजार करवाने के बाद एसएसपी ने कहा कि मामले की फाइल हाईकोर्ट में है और अलका लांबा थाने में हाजिरी लगवाएं। उन्होंने कहा कि सारी कार्रवाई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इशारों पर हो रही है।
बाजवा ने कहा कि अलका लांबा को परेशान किया जा रहा है और झूठे बयान पर मामला दर्ज किया गया है। इस दौरान अलका लांबा ने कहा कि दिल्ली से जांच करने का आदेश आया है और राघव चड्ढा के कहने पर पुलिस चल रही है। कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब में यह सभ्यता नहीं है कि किसी महिला को बिना किसी बात के थाने में बुलाया जाए।
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान को मनमानी नहीं करने दी जाएगी। राजा वड़िंग ने एसएसपी को भी चेतावनी दी और कहा कि वह आईपीएस अफसर की तरह बर्ताव करें और झूठे मामले दर्ज न करें। इसके बाद कांग्रेस नेता अलका लांबा के साथ सदर थाने पहुंचे। यहां एसपी हरबीर सिंह अटवाल के समक्ष अलका लांबा पेश हुईं और जांच में शामिल होने की बात कही।
थाने से बाहर आई अलका लांबा ने कहा कि पुलिस ने कहीं पर भी उनके दस्तखत नहीं करवाए और यही कहा कि फाइल हाईकोर्ट में गई हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस को यही पता नहीं है कि उनसे क्या पूछताछ की जानी है, क्योंकि दिल्ली से सवाल नहीं आए हैं। अलका लांबा ने कहा कि वह डरने वाली महिला नहीं है और इस केस में जब भी पुलिस बुलाएगी वह आएंगी और अपने बयान पर अडिग रहेंगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सबूतों के साथ आम आदमी पार्टी के खिलाफ और खुलासे किए जाएंगे।
केस की फाइल हाईकोर्ट भेजी गई है
एसपी हरबीर सिंह अटवाल ने कहा कि कुमार विश्वास द्वारा हाईकोर्ट में डाली गई याचिका के बारे में उन्हें कल पता चला है, जिसके लिए केस की फाइल हाईकोर्ट भेजी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस किसी को परेशान नहीं कर रही। पुलिस ने पूरी तैयारी की हुई थी। हाईकोर्ट से अभी कोई आदेश नहीं आया है और बिना केस फाइल के जांच में शामिल नहीं किया जा सकता, जिसके लिए अलका लांबा को जांच में शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने अलका लांबा से पूछे जाने सवालों पर कहा कि यह अभी जांच का विषय है। एसपी अटवाल ने कांग्रेस की पुलिस के साथ हुई धक्कामुक्की के सवाल पर कहा कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।