गत वर्ष 3 मई को एआईपीएमटी का पेपर लीक करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड एक लाख के इनामी रूप सिंह दांगी को पुलिस ने करीब 11 माह बाद गिरफ्तार कर लिया। सीआईए 2 ने उसे जखौदा रोड पर बहादुरगढ़ बाइपास पर कार में जाते समय काबू किया। पुलिस को इस इलाके में उसकी दस दिन पहले लोकेशन मिली थी और तभी उसे पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया था।
पुलिस आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग करेगी। पुलिस उससे गहनता से पूछताछ करेगी, ताकि गिरोह के अन्य लोगों और उनके नेटवर्क तक पहुंचा जा सके। हरियाणा सहित देश के कई राज्यों में दांगी को तलाश रही पुलिस ने उसे गत एक मार्च को भगौड़ा घोषित कर दिया था। सीआईए 2 को होली से तीन दिन पहले दांगी की प्रदेश में लोकेशन मिली थी। हालांकि उसके बार-बार लोकेशन बदलने के कारण पुलिस उस तक नहीं पहुंच पा रही थी।
वीरवार को मुखबिर ने सीआईए 2 को दांगी के रोहतक जिले में आने की सूचना दी। इस पर पुलिस ने जिलेभर में नाकेबंदी कर दी। सीआईए की टीम बहादुरगढ़ बाइपास पर तैनात हो गई। जैसे ही पुलिस ने जाखौदा रोड पर दांगी को कार में जाते देखा तो उसकी घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस उसे रोहतक लेकर आई।
सांपला जा रहा था दांगी
पुलिस ने बताया कि मदीना निवासी मास्टमाइंड दांगी सफेद रंग की अपनी कार में सांपला जा रहा था। यहां उसे किसी दोस्त से मुलाकात करनी थी। सीआईए इंचार्ज राकेश सैनी ने बताया कि पुलिस आरोपी से रिमांड अवधि में पूछताछ करेगी कि वह सांपला में अपने किस गुर्गे से मिलने जा रहा था।
3 मई 2015 को लीक हुआ था पेपर
3 मई 2015 को रोहतक में एआईपीएमटी की प्रवेश परीक्षा हुई थी। इसी बीच किसी व्यक्ति ने तत्कालीन आईजी श्रीकांत जाधव को पेपर लीक होने की सूचना दी थी। इस पर दोपहर बाद पुलिस ने गुढाणा निवासी डॉ. भूपेंद्र सिंह, गद्दी खेड़ी निवासी राजेश बिश्नोई, बसंत विहार निवासी संजीत और ग्रेटर नोएडा के नीमका निवासी रवि अत्री को गिरफ्तार किया था।
जांच में जुटी पुलिस को कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोपियों व अभ्यर्थियों के पास से नकल कराने के आधुनिक उपकरण, ब्लूटूथ लगे अंडर गारमेंट्स सहित अन्य सामान बरामद हुआ था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा को रद्द कर दिया था। आरोपियों ने 15 से 30 लाख रुपये में आंसर की परीक्षार्थियों को बेची थी।
देशभर से हुई 50 से अधिक गिरफ्तारी
आंसर की लीक होने के बाद पुलिस ने देशभर में छापेमारी कर 50 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें डॉक्टर, मास्टर सॉल्वर, छात्र-छात्राएं और महाराष्ट्र के एक नेता का बेटा भी शामिल था। पुलिस ने हरियाणा सहित दिल्ली, बिहार, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में छापामारी की थी।
क्या-क्या हुए खुलासे
-आंसर की राजस्थान के अलवर जिले में तैयार की गई। महज 15 मिनट में 6 एक्सपर्ट ने तैयार की थी आंसर-की।
-आंसर-की को मेल के जरिए सिलीगुड़ी, रोहतक, अजमेर, भोपाल, देहरादून, चंडीगढ़ और जमशेदपुर भेजा गया।
-पुलिस जांच में पाया गया कि 44 विद्यार्थियों ने आंसर की खरीदी।
-विभिन्न राज्यों से डाक्टरों व अभ्यर्थियों सहित 50 लोग गिरफ्तार।
-आंसर-की के बदले प्रत्येक विद्यार्थी से 15-30 लाख रुपए लिए गए।
गड़बड़ी कहां-कहां
सबसे अधिक (15) सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) सेंटर पर गड़बड़ी सामने आई थी। रोहतक के 11, अजमेर के चार, जमशेदपुर के तीन और चंडीगढ़, देहरादून, भोपाल सहित कई सेंटर्स पर परीक्षा के पेपर लीक होने के मामले सामने आए थे।