शिकारपुर गांव में बुधवार अल सुबह 30 वर्षीय प्रवीण कुमार ने पत्नी सीता और चार साल की मासूम बेटी का गला घोंटा और फिर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इसमें मासूम बेटी की भी जान चली गई और पत्नी एक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझा रही है।
प्रवीण ने सुसाइड नोट में कई सूदखोरों के नाम लिखकर कहा कि लाखों रुपये चुकाने के बावजूद उसे तंग किया जा रहा था। पुलिस ने सूदखोरों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। मामला 30 लाख रुपये से ज्यादा के लेन-देन का बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार गांव नलवा में बाइक की एजेंसी का संचालक प्रवीण, पत्नी सीता, चार साल की बेटी सीमस और दो साल के बेटे एजिज के साथ अपने गांव शिकारपुर में चौबारे पर रहता था। उसके पिता रामस्वरूप और मां किताबो देवी मकान के निचले हिस्से में रहते हैं। मृतक का भाई रघुबीर थोड़ी दूरी पर अलग मकान में रहता है।
रात को प्रवीण का परिवार सो गया था। उसकी पत्नी सीता सुबह सवा चार बजे उठी और बेटे एजिज को लेकर सास-ससुर को चाय देने चौबारे से नीचे आई। सास-ससुर ने चाय ली और बेटे को अपने पास रख लिया। सीता फिर चौबारे पर चली गई। करीब पौने छह बजे एजिज रोने लगा तो दादी उसे मां के पास छोड़ने चौबारे में गई।
चौबारे के कमरे में अंदर से कुंडी बंद थी। किताबो देवी के आवाज लगाने पर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद प्रवीण का भाई रघुबीर और परिवार के अन्य सदस्य चौबारे में पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। फिर भी आवाज न आई तो खिड़की तोड़ दी गई। सामने वाला नजारा देख परिवार वालों के होश उड़ गए।
अंदर प्रवीण का शव पंखे से लटका था। उसकी पत्नी सीता और बेटी सीमस फर्श पर पड़ी थी। परिजनों ने इस पर तुरंत पुलिस को सूचना दी। सीता को शहर के निजी अस्पताल में दाखिल कराकर फोन पर उसके मायके जींद के अमरहेड़ी में सूचना दी गई। पुलिस ने प्रवीण और उसकी मासूम बेटी के शवों को कब्जे में ले लिया।
पुलिस ने इस संबंध में सूदखोरों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। दूसरी तरफ पुलिस ने मृतक प्रवीण के खिलाफ अलग से हत्या और हत्या प्रयास का केस दर्ज किया है।