अठारह साल पुराने 80 लाख रुपये लाटरी घोटाले में जिला अदालत ने यमुनानगर निवासी हरियाणा स्टेट लाटरी सेल के आफिसर राजबीर सिंह को छह साल की सजा सुनाई।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शालिनी सिंह नागपाल की अदालत ने दोषी पर 32 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में आफिसर समेत दस लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था।
हरियाणा स्टेट विंग ने 1996 में स्टेट लाटरी डिपार्टमेंट सेल के अधिकारी राजबीर सिंह समेत एजेंट पंकज अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, जे तिवारी, वासुदेव मिश्रा, हरमिंदर सिंह, दिलीप अरोड़ा के खिलाफ धोखाधड़ी, गवर्मेंट रेवेन्यू के नुकसान समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया था।
आरोप था कि राजबीर सिंह ने एजेंट्स के साथ मिलकर 80 लाख रुपये का गबन किया। लाटरी आफिसर राजबीर सिंह एजेंट्स को लाटरी बेचता था और लाटरी से जमा हुई रकम विंग में जमा करवाता था। लेकिन, उसने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा स्टेट लाटरी विंग में 80 लाख रुपये जमा नहीं करवाएं।
मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने राजबीर को दोषी पाते हुए उसे छह साल की सजा सुनाई। बतातें चलें कि पिछले शुक्रवार को अदालत ने इस मामले में आरोपी अन्य सभी एजेंट्स को सबूत के अभाव में बरी कर दिया था।