अगले दिन बुधवार को तेग बहादुर अपने दोस्त किरणवीर के पिता के साथ असली आरसी लेकर इन पुलिस कर्मचारियों से मिला लेकिन इन पुलिस कर्मचारियों ने तेग बहादुर को डराया और कहा कि वह उसे आपराधिक केस में फंसा कर जेल भेज देगें। नहीं तो वह उन्हें 20 हजार रुपये दे। इससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया और उसने आत्महत्या कर ली।
सुसाइड नोट में लिखा- पांच-छह हजार महीना कमाता हूं... 20 हजार कहां से दूं
तेग बहादुर ने अपने सुसाइड नोट में दोनों पुलिस कर्मचारियों के नाम लिखे। कहा कि वह पांच-छह हजार रुपये महीना कमाता है। 20 हजार रुपये पुलिसवालों को देना उसके वश में नहीं हैं, इसलिए वह आत्महत्या कर रहा है। उसने सुसाइड नोट में रिश्वत मांगने वाले इन दोनों पुलिस कर्मचारियों को फांसी की सजा देने की मांग की ताकि कोई पुलिस कर्मचारी किसी गरीब से रिश्वत मांगने की हिम्मत न कर सकें।
पिता बोले- आरोपियों की गिरफ्तारी तक नहीं करेंगे अंतिम संस्कारपिता सरबजीत ने बताया कि वह रोज की तरह अपनी दुकान पर चले गए थे। दुकान पर पहुंचने के बाद उन्हें घर से फोन आया कि तेग बहादुर की तबीयत खराब है और वह उसे फेज-6 सरकारी अस्पताल लेकर जा रहे हैं। जब वह अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि उसके घरवाले तेग बहादुर को वापस घर ले गए हैं।
घर पहुंचा तो पता लगा कि बेटे ने आत्महत्या कर ली है। इसके बाद बेटे के कमरे की तलाशी लेने पर उसके कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ तथा उसके मोबाइल से एक वीडियो भी मिला जो उसने आत्महत्या करने से ठीक पहले बनाया था। वहीं, तेग बहादुर के पिता ने कहा कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाते वह तब तक बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।