जीआरपी थाने में विलाप करते शुभम के पिता व अन्य परिजन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लॉकडाउन में नौकरी जाने के बाद नई नौकरी नहीं मिलने से तनाव में आए करनाल के आरकेपुरम में रहने वाले शुभम ने पानीपत में ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। शुभम गुरुवार शाम पांच बजे घर से निकला था। शुभम के सेवानिवृत्त फौजी पिता ने बताया कि लॉकडाउन लगने से एक निजी कंपनी से उसकी नौकरी चली गई थी।
लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी उसे कहीं नौकरी नहीं मिली। इस कारण वह अवसाद में था। गुरुवार को शाम पांच बजे अपने घर से बाइक लेकर निकला था, जिसके बाद घर लौटा और बाइक खड़ी कर दोबारा चला गया। उसे रात भर ढूंढते रहे लेकिन कोई पता नहीं चला। शुक्रवार की सुबह पुलिस की कॉल आई कि शुभम ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
शुभम के जेब से एक पर्ची बरामद हुई, जिसमें उसने खुदकुशी करने की बात लिखी थी। पर्ची पर पिता का फोन नंबर और घर का पता लिखा था। शुभम ने रोजगार जाने के बाद अपना खर्चा निकालने के लिए फोन भी बेच दिया था। शुभम के पिता ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि शुभम के मन में क्या चल रहा था। वह उसे समझाने की कोशिश भी करते थे।