पंजाब के अमृतसर में करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। अब रामबाग पुलिस ने दिल्ली के संत सराह नगर निवासी अजीत सिंह और उसके बेटे गुरप्रीत सिंह पर गैर-इरादतन हत्या और शव खुर्दबुर्द करने का केस दर्ज किया है। आरोपी चनप्रीत सिंह नाम के मजदूर को अपने साथ होटल में काम कराने के खातिर लाए थे। यहां करंट लगने से उसकी मौत हो गई। पुलिस को बिना सूचना देकर वह शव को दिल्ली लेकर चले गए। जांच अधिकारी एएसआई शिव कुमार ने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्होंने केस में कार्रवाई करते हुए शव दिल्ली से बरामद करने के बाद पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
दिल्ली के निहाल विहार निवासी जसप्रीत सिंह ने रामबाग पुलिस को बताया कि अजीत सिंह और उनका बेटा गुरप्रीत सिंह दिल्ली से मजदूरों को यहां लाकर बटाला रोड स्थित एक होटल में काम कराते हैं। आरोपी सात मार्च को उनके भाई चनप्रीत सिंह को दिल्ली से अमृतसर के होटल में काम कराने लाए थे। नौ मार्च को होटल में काम करते समय चनप्रीत की करंट लगने से मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि आरोपी मामले की पुलिस को जानकारी दिए बिना ही शव को एंबुलेंस से दिल्ली ले गए। परिवार ने बताया कि आरोपियों ने किसी तांत्रिक के जरिये चनप्रीत सिंह को जिंदा करने के लिए शव मिट्टी में दबा दिया था। इस बीच किसी ने दिल्ली पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने वहां पहुंच शव को कब्जे में लिया और अमृतसर कमिश्नरेट को भी इसकी जानकारी दी। यहां रामबाग पुलिस ने दिल्ली पहुंच कर शव को कब्जे में लिया और अमृतसर लाकर उसका पोस्टमार्टम करवाया और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया।