उसने पुलिस से दोबारा 15 जुलाई तक का समय मांगा था। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझौता कर 15 जुलाई तक जवाब देने को कहा था। आरोपी गुरचरण सिंह ने सुरिंदर कौर, उसके बेटे हर्षदीप और सहेली लखविंदर को कार में बैठाया और घर चलने की बात कही। तीनों उसके साथ कार में बैठ गए। जब वह मंगली के पास पहुंचे तो दोनों के बीच किसी बात को लेकर फिर से कहासुनी हो गई।
इस पर सुरिंदर कौर, बेटा और सहेली के साथ गाड़ी से नीचे उतर गईं। गुरचरण सिंह वहां से चला गया। सुरिंदर, हर्षदीप और लखविंदर पैदल जा ही रहे थे कि आरोपी ने पीछे से तीनों पर कार चढ़ा दी। इससे वह घायल हो गए और नीचे गिर गए। आरोपी ने फिर से तीनों पर कार चढ़ा दी। इसके बाद उसने तीनों पर तेजधार हथियार से हमला किया और तीनों को अधमरा छोड़कर फरार हो गया।
राहगीरों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहां सुरिंदर कौर की मौत हो गई। एसीपी पूर्वी दविंदर चौधरी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बेटे के बयान पर हत्या, हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।