बात इतनी बढ़ गई कि छितरौली के युवकों ने सतीश के सिर में ईंट दे मारी, जिससे वह गिर गया। इसके बाद बहाला निवासी प्रदीप नाका पर तैनात पुलिसकर्मियों को सूचना देने चला गया। पीछे से तीनों युवकों ने अकेला पाकर सुदेश को लाठी-डंडों व पत्थरों से पीट-पीटकर मौत के घट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।
सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायलों को कनीना के अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने सुदेश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। घायल सतीश की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
वारदातस्थल से महज 100 मीटर दूरी पर पुलिस नाका
जिस ढाबा पर दोनों गुटों में विवाद हुआ था। उससे महज 100 मीटर की दूरी पर पुलिस नाका है, जिस पर दो पुलिसकर्मी हर वक्त तैनात रहते हैं। वारदात के वक्त भी वहां पुलिसकर्मी तैनात थे। हालांकि पीड़ितों में से एक युवक ने पुलिस कर्मियों को सूचना भी दे दी थी। अगर समय रहते सुदेश को उपचार मिल जाता तो संभवत: उसकी जान को बचाया जा सकता था।
बता दें कि कोरोनाकाल के कारण जिले में रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू लगा है। इसके बाद भी कारौली गांव का ढाबा संचालक रातभर लोगों को न केवल खाना खिला रहा था बल्कि शराब भी परोस रहा था। जबकि उसके समीप ही पुलिस नाका है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या पुलिस संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी।
नशे ने दो बच्चों से पिता व महिला से छीना सुहाग
तमाम सरकारी व गैर सरकारी संगठनों की ओर से नशे के खिलाफ अभियान चलाए जाते हैं, बावजूद इसके लोग सीख नहीं ले रहे हैं। शनिवार की रात की वारदात भी इसी का परिणाम है। यदि आरोपी नशे में धुत्त न होते तो शायद सुदेश की जान नहीं जाती। वहीं सुदेश के दो बच्चे भी बिना बाप के नहीं रहते। एक बार फिर से नशे के चलते एक महिला ने अपना सुहाग व दो बच्चों ने अपने पिता को खो दिया है। बहाला निवासी सुदेश किसान था।
आरोपियों की जल्द होगी गिरफ्तार: डीएसपी
कोसली के डीएसपी महेंद्रपाल ने कहा कि दो नामजद व एक अन्य आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्जकर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान छितरौली निवासी दीपक व विकास के रूप में हुई है।