पंजाब के पटियाला जिले में दिल्ली धरने से कुछ घंटे पहले लौटे किसान और उसके बेटे का बुधवार देर रात गोली मार कर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक जमीन विवाद में रिश्तेदारी में लगते भतीजे, उसकी पत्नी और बेटों ने वारदात को अंजाम दिया है।
खबर लिखे जाने तक पातड़ां पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को नामजद कर एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर तीन आरोपियों को हथियार समेत काबू कर लिया है। मामला गांव हामझेड़ी का है।
थाना पातड़ां के प्रभारी रणबीर सिंह ने बताया कि हामझेड़ी निवासी बलवीर सिंह (60) का रिश्तेदारी में उसका भतीजा लगने वाला करनैल सिंह (50) के साथ दो एकड़ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
मामला अदालत में विचाराधीन था। बलवीर सिंह की पत्नी माया कौर के मुताबिक केस में पेशी की तारीख नजदीक थी, जिसे भुगतने के लिए बलवीर सिंह बुधवार शाम चार बजे ही दिल्ली धरने से लौटा था।
कुछ घंटे बाद रात करीब 10 बजे हामझेड़ी के ही रहने वाले करनैल सिंह, उसके बेटों खविंदर सिंह, गुरपाल सिंह, पत्नी बलविंदर कौर और भाई जसपाल सिंह और एक अज्ञात महिला राइफल लेकर बलवीर सिंह के घर पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
इस दौरान बलवीर सिंह के पेट और दायीं बाजू के नीचे गोली लगी और उसके बेटे चरनजीत सिंह निक्का (25) की छाती में गोली लगी और मुंह, गर्दन में छर्रे लगने से मौके पर ही मौत हो गई। बलवीर सिंह का बड़ा बेटा कर्मजीत सिंह छर्रे लगने से घायल हो गया। बलवीर सिंह की पत्नी ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या के आरोप में आर्म्स एक्ट तहत केस दर्ज करके खविंदर सिंह, गुरपाल सिंह और उनकी माता बलविंदर कौर को काबू करके उनसे वारदात में इस्तेमाल 12 बोर की राइफल बरामद कर ली थी। जबकि करनैल सिंह व जसपाल सिंह की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है।