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पुलिस कस्टडी से फरार हुआ बदमाश विकास, दिल्ली और हरियाणा पुलिस में बढ़ी हलचल

Tue, 09 Oct 2018 01:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बहादुरगढ़ (हरियाणा)
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सांकेतिक तस्वीर
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कुख्यात बदमाश विकास दलाल को तीन बदमाश पुलिस पर फायरिंग कर छुड़ा ले गए। विकास के फरार होने के पीछे पुलिस/जेल प्रबंधन की ढिलाई रही, क्योंकि पिछले महीने यहां के एक गांव में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के दौरान पकड़े गए बदमाश ने विकास से व्हाट्सएप कॉल से संपर्क होने की बात कही थी। लेकिन पुलिस ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया। 

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यदि लिया होता तो शायद वह जेल से न भाग पाता। खैर, विकास के फरार होने से बहादुरगढ़ पुलिस में हलचल बढ़ गई है तो उसके गांव के एक परिवार की भी बेचैनी बढ़ गई है। कुख्यात बदमाश पर दिल्ली हरियाणा में लगभग 17 केस दर्ज हैं। इनमें दो हत्या समेत पांच केस बहादुरगढ़ सदर थाने में दर्ज हैं। 

...तो व्हाट्सएप कॉल से संपर्क करता है विकास 
विकास की उसके गांव के सुरेंद्र से रंजिश चल रही है। गत 20 सितंबर को विकास के कहने पर उसके साथी राकेश ने सुरेंद्र पर जानलेवा हमला किया था। बचाव में सुरेंद्र ने गोली चलाई तो राकेश जख्मी हो गया। फिलहाल राकेश पुलिस की गिरफ्त में है। पूछताछ के दौरान राकेश ने बताया था कि विकास ने व्हाट्सएप कॉल के जरिये उनसे संपर्क किया था। 
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खैर, यह बात सही थी तो ये तय है कि जेल में बंद विकास के पास मोबाइल था लेकिन वह बात दब गई। अब आशंका ये भी है कि शायद मोबाइल के जरिये ही विकास ने अपने साथियों से संपर्क किया और तय योजना के तहत जांच का बहाना बनाकर मेडिकल गया। वहां बदमाश उसे छुड़ा ले गए। उधर, मांडोठी चौकी प्रभारी जगबीर की माने तो उस दिन राकेश के मोबाइल पर गोली लगने से फोन डैमेज हो गया था। 

ऐसे आया अपराध की दुनिया में  

सांकेतिक तस्वीर
रिवाड़ी खेड़ा निवासी विकास दलाल के परिवार का गांव के एक परिवार के साथ विवाद हो गया था। विवाद बढ़ा तो विकास के परिवार को गांव छोड़ना पड़ा और नजफगढ़ चला गया। अपने गांव के उक्त परिवार से बदला लेने के लिए विकास ने अपराध की दुनिया में कदम रखा। वर्ष-2010 में विकास ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर गुड़गांव के तावड़ में ट्रक लूटा। इस मामले में विकास पकड़ा गया। जेल में वह दिल्ली के गैंगस्टर मंजीत महाल के संपर्क में आया।  

2016 में हुआ मंजीत महाल गिरोह में शामिल 
वर्ष 2011 में जेल से बाहर आने के बाद इसने कृष्ण पहलवान गिरोह के बदमाश वरुण जांगड़ा के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू किया। विवाद होने पर विकास ने वरुण का साथ छोड़ दिया तो वरुण ने विकास के पिता ओमप्रकाश की बेइज्जती कर दी थी। इस पर ओमप्रकाश ने खुदकुशी कर ली। इसका बदला लेने के लिए विकास ने साथियों के साथ अक्तूबर-2014 में वरुण की हत्या कर दी। 

वर्ष 2016 तक जेल में रहने के बाद में ये पेरोल जंप कर गया और कृष्ण पहलवान की हत्या करने के लिए मंजीत महाल गिरोह में शामिल हो गया था। विकास इस गैंग की ओर से की गई सात हत्याओं व लूट की वारदातों में शामिल रहा है। जून 2017 में गिरफ्तार हुआ। 
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गांव के दो लोगों को मारा, अभी भी करवा रहा हमले 

arrest shimla
गांव की पुरानी रंजिश में 17 फरवरी-2017 को विकास ने गांव रिवाड़ी खेड़ा निवासी सुरेंद्र के ऊपर जानलेवा हमला किया, इस हमले में सुरेंद्र बच गया। इसके बाद 19 अप्रैल-2017 में विकास ने अपने साथियों के साथ मिलकर सुरेंद्र के भाई अमित उर्फ मित्ता की हत्या कर दी। अमित की हत्या के बाद ही यह सिलसिला नहीं थमा।

 16 अप्रैल 2018 को विकास अपने साथियों सहित फिर से सुरेंद्र को मारने के लिए रिवाड़ी खेड़ा आया। लेकिन रात के अंधेरे में सुरेंद्र के बजाय गोलियां सुनील को लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई। दो हत्याओं के मामले में विकास और उसके सात साथी जेल में बंद हैं। सुरेंद्र इन मामलों में गवाह है। गत 20 सितंबर को विकास ने फिर से सुरेंद्र पर जानलेवा हमला कराया था।  

परिवार की धड़कन बढ़ी 
विकास दलाल के फरार होने से न केवल दिल्ली, बल्कि बहादुरगढ़ पुलिस में भी हलचल बढ़ गई है। विकास ने मंजीत गैंग में रहते हुए दर्जनभर से अधिक वारदात की हैं। उधर, रिवाड़ी खेड़ा निवासी सुरेंद्र का परिवार भी दहशत में है, हालांकि मांडोठी चौकी पुलिस ने उक्त गांव में नजर पैनी कर दी है।
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