12 हजार बुजुर्गों ने पेंशन लेने से किया इन्कार
एक तरफ प्रदेश में जहां पेंशन लेने के लिए होड़ लगी है, वहीं ऐसे बुजुर्गों की संख्या भी कम नहीं है, जो बुढ़ापा सम्मान पेंशन नहीं लेना चाहते। 60 साल के होने के बावजूद जब विभागीय कर्मचारियों ने घर जाकर उनसे संपर्क किया तो करीब 12 हजार बुजुर्गों ने पेंशन लेने से इन्कार कर दिया। बुजुर्गों ने कहा कि उनकी आय अच्छी है और परिवार के सदस्य उनका अच्छी प्रकार से ध्यान रख रहे हैं, इसलिए वे पेंशन नहीं लेना चाहते।
10 हजार की दोबारा से पेंशन शुरू
परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में सालाना आय अधिक होने के चलते पिछले दिनों प्रदेश के 10 हजार बुजुर्गों की पेंशन काट दी गई थी। सरकार द्वारा पीपीपी में संशोधन के लिए मौका दिया गया था। जिन बुजुर्गों से गलती से अपनी आय अधिक भरी गई थी, ठीक होने पर अब उनकी पेंशन दोबारा शुरू कर दी गई है। फिलहाल सामाजिक कल्याण विभाग की ओर से 2.60 लाख रुपये सालाना आय से अधिक वालों की पेंशन रोकी जा रही है। हालांकि, सरकार इसे 1.80 लाख तक आय तय कर चुकी है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा को अमलीजामा पहना लिया गया है। अब किसी भी बुजुर्गों को पेंशन के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं है। पीपीपी के माध्यम से पेंशन बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सत्यापन और बुजुर्ग की सहमति से पेंशन चालू की जा रही है। इससे बुजुर्गों को कहीं पर भी जाने की जरूरत नहीं होगी, यह एक बड़ी राहत है। - विनीत गर्ग, एसीएस, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग।