पुलिस के मुताबिक आगरा एक्सप्रेस वे पर हुए विवाद के बाद उसने हत्या की योजना बनाई। इसके बाद उस पर काम करने लगा। इस दौरान उसने महेंद्र और उसके पिता को लगातार धमकियां भी देता था। पिता रोशन लाल ने पुलिस को बताया कि संजय ने उनको कॉल कर धमकी दी थी कहा कि महेंद्र की हत्या करने के बाद उसकी विधवा बहू से शादी करेगा। वहीं इस बात की पुष्टि पुलिस के सामने महेंद्र की पत्नी ने भी की थी।
हत्या के लिए शातिर अपराधी को कराया रिहा
एसीपी चौक आईपी सिंह के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के लिए संजय ने शूटर की तलाश शुरू की। इसके लिए अपने पुराने अपराधी दोस्तों से संपर्क करना शुरू किया। इसी दौरान उसे पुराने दोस्त ज्ञान सिंह यादव उर्फज्ञानी की याद आई। जो बाराबंकी जेल में बंद था। उससे मिलने बाराबंकी गया। वहां बातचीत के बाद उसके जमानत का पूरा इंतजाम संजय ने किया। जमानत कराने के बाद महेंद्र के हत्या की सुपारी दी।
छह ने मिलकर की हत्या, चार की तलाश
एसीपी चौक आईपी सिंह के मुताबिक महेंद्र की हत्या के लिए संजय मौर्या ने पांच अन्य अपराधियों का साथ लिया। इसमें शूटर सलेमपुर पतौरा का ज्ञान सिंह यादव उर्फ ज्ञानी, बुद्घेश्वर भपटामऊ का दिनेश सिंह ठाकुर, मलिहाबाद के चिहुंटा का सतीश गौतम उर्फ अनुज, दुबग्गा के अवध इंक्लेव का शनि कश्यप उर्फ कुलदीप कश्यप और सैफलपुर का मुकेश रावत शामिल है। संजय ने सभी को अलग-अलग काम दिया था। इसमें मुकेश और सतीश का काम महेंद्र की रेकी करना था। वहीं दिनेश सिंह ठाकुर का परिचय पत्र प्रयोग कर नया सिम जारी कराया गया। ताकि पुलिस न पकड़ सके। शनि कश्यप को इसके लिए रुपये दिये गये थे कि यदि वारदात के दौरान कोई विरोध होता है। उससे वह संभालेगा। वारदात के समय संजय, सतीश गौतम, ज्ञान सिंह यादव और शनि भुहर पुल केनीचे पहले से इंतजार कर रहे थे। मुकेश रावत व दिनेश ठाकुर ने महेंद्र का पीछा दुकान से शुरू किया। हर पल की खबर देते रहें।
संजय व ज्ञानी ने बरसाई थी गोलियां
एसीपी चौक के मुताबिक पुल केपास पहुंचते ही मुकेश व दिनेश ने महेंद्र के कार को आवेर टेक किया। फिर बाइक आड़ी लगा दी। ताकि वह भाग न सके। इसके बाद संजय व ज्ञानी ने दोनों तरफ से घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। जिससे महेंद्र की मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी जिस तरह से कार व बाइक से आये थे। उसी गाड़ी से वापस भाग निकले। पुलिस के मुताबिक अभी इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी संजय, उसके सहयोगी, ज्ञान सिंह यादव उर्फज्ञानी, दिनेश सिंह ठाकुर, शनि कश्यप की तलाश की जा रही है।