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Lucknow: धमकी देकर कहा, तुम्हारी विधवा बहू से शादी कर लूंगा... पुलिस ने कपड़ा कारोबारी की हत्या का किया खुलासा

Sun, 31 Jul 2022 06:53 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ पुलिस ने महेंद्र मौर्या हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। उसकी हत्या एकतरफा प्यार में की गई थी। हत्या में शामिल मुख्य आरोपी मृतक की पत्नी से एक तरफा प्यार करता था। उसने पिता को धमकी दी थी कि बेटे की हत्या कर विधवा बहू से शादी कर लूंगा।
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मामले में गिरफ्तार किया गया हत्या का आरोपी। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लखनऊ में ठाकुरगंज के भुहर पुल के नीचे 25 जुलाई की रात कपड़ा कारोबारी महेंद्र मौर्या उर्फ पुष्कर मौर्या (28)  की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने रविवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गये आरोपियों के पास से एक कार व बाइक बरामद की है। जो वारदात को अंजाम देने में प्रयोग की गई थी। पुलिस इस मामले में अभी मुख्य आरोपी सहित चार लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक वारदात एक तरफा प्यार में अंजाम दी गई थी। हत्या में शामिल मुख्य आरोपी मृतक की पत्नी से एक तरफा प्यार करता था। उसने कई बार धमकी दी थी। जिसे कपड़ा कारोबारी व उसके  परिजनों ने नजरअंदाज कर दिया था।

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डीसीपी पश्चिम एस. चिनप्पा के मुताबिक 25 जुलाई की रात को कपड़ा कारोबारी महेंद्र मौर्या उर्फ पुष्कर की हत्या में शामिल दो आरोपियों को ठाकुरगंज पुलिस ने दबोच लिया है। दोनाें को घैला पुल के पास से गिरफ्तार किया गया है। दोनों ने वारदात की पूरी जानकारी दी है। पकड़े गये आरोपियों में मलिहाबाद के अहमदाबाद कटोरी चिहुंटा का सतीश गौतम उर्फअनुज मुख्य आरोपी संजय के साथ पुल के नीचे मौजूद था। जबकि  काकोरी के सैफलपुर का मुकेश रावत दूसरे साथी दिनेश के साथ बाइक से महेंद्र के  रिंग रोड स्थित उसके कपड़े के शोरूम से पीछा किया। वारदात स्थल पर पहुंचने से पहले ही अपनी गाड़ी की रफ्तार बढ़ाई और आगे लगा दिया। ताकि महेंद्र अपनी कार की रफ्तार न बढ़ा सके। इसी बीच भुहर पुल के नीचे पहले से मौजूद इन दोनों के अन्य साथियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया।

महेंद्र की पत्नी से एक तरफा प्यार करता है मुख्य आरोपी
डीसीपी एस. चिनप्पा के मुताबिक महेंद्र की शादी 25 जनवरी 2022 को हुई थी। चोर घाटी सआदतगंज का संजय मौर्या महेंद्र की पत्नी से प्यार करता था। दोनों में अच्छी दोस्ती की बात सामने आई है। संजय महेंद्र की पत्नी का करीबी रिश्तेदार भी है। दोनों का रिश्ता मामा-भांजी का है। लेकिन इसके बाद भी संजय महेंद्र की पत्नी से शादी करना चाहता था। इसी जानकारी होने पर संजय के परिजनों ने उसकी शादी दूसरी जगज करा दी। वहीं इसी बीच महेंद्र की शादी संजय की तथाकथित प्रेमिका से हो गई। यह बात संजय को अच्छी नहीं लगी।
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कुछ दिन पहले हुआ था विवाद
एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि संजय और मृतक महेंद्र के बीच कुछ दिन पहले आगरा एक्सप्रेसवे पर विवाद हुआ था। इस दौरान महेंद्र ने संजय को चेतावनी दी थी कि वह उसकी पत्नी के रास्ते से हट जाए। यह बात संजय को काफी नागवार लगी। इसके बाद से संजय ने महेंद्र की हत्या की योजना बनाई। संजय ने अपने मित्र सतीश गौतम उर्फ अनुज व मुकेश रावत को रेकी के लिए लगा दिया। वह किस समय दुकान जाता है? दुकान से कब वापस आता है? कब अकेले होता है? कौन-कौन उसके साथ रहता  है? इन सबकी जानकारी हो जाने के बाद वारदात को अंजाम दिया।

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पिता से बोला हत्या के बाद विधवा बहू से करूंगा शादी

पुलिस के मुताबिक आगरा एक्सप्रेस वे पर हुए विवाद के बाद उसने हत्या की योजना बनाई। इसके बाद उस पर काम करने लगा। इस दौरान उसने महेंद्र और उसके पिता को लगातार धमकियां भी देता था। पिता रोशन लाल ने पुलिस को बताया कि संजय ने उनको कॉल कर धमकी दी थी कहा कि महेंद्र की हत्या करने के बाद उसकी विधवा बहू से शादी करेगा। वहीं इस बात की पुष्टि पुलिस के सामने महेंद्र की पत्नी ने भी की थी।

हत्या के लिए शातिर अपराधी को कराया रिहा
एसीपी चौक आईपी सिंह के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के लिए संजय ने शूटर की तलाश शुरू की। इसके लिए अपने पुराने अपराधी दोस्तों से संपर्क करना शुरू किया। इसी दौरान उसे पुराने दोस्त ज्ञान सिंह यादव उर्फज्ञानी की याद आई। जो बाराबंकी जेल में बंद था। उससे मिलने बाराबंकी गया। वहां बातचीत के बाद उसके जमानत का पूरा इंतजाम संजय ने किया। जमानत कराने के बाद महेंद्र के हत्या की सुपारी दी।

छह ने मिलकर की हत्या, चार की तलाश
एसीपी चौक आईपी सिंह के मुताबिक महेंद्र की हत्या के लिए संजय मौर्या ने पांच अन्य अपराधियों का साथ लिया। इसमें शूटर सलेमपुर पतौरा का ज्ञान सिंह यादव उर्फ ज्ञानी, बुद्घेश्वर भपटामऊ का  दिनेश सिंह ठाकुर, मलिहाबाद के चिहुंटा का सतीश गौतम उर्फ अनुज, दुबग्गा के अवध इंक्लेव का शनि कश्यप उर्फ कुलदीप कश्यप और सैफलपुर का मुकेश रावत शामिल है। संजय ने सभी को अलग-अलग काम दिया था। इसमें मुकेश और सतीश का काम महेंद्र की रेकी करना था। वहीं दिनेश सिंह ठाकुर का परिचय पत्र प्रयोग कर नया सिम जारी कराया गया। ताकि पुलिस न पकड़ सके। शनि कश्यप को इसके लिए रुपये दिये गये थे कि यदि वारदात के दौरान कोई विरोध होता है। उससे वह संभालेगा। वारदात के समय संजय, सतीश गौतम, ज्ञान सिंह यादव और शनि भुहर पुल केनीचे पहले से इंतजार कर रहे थे। मुकेश रावत व दिनेश ठाकुर ने महेंद्र का पीछा दुकान से शुरू किया। हर पल की खबर देते रहें।

संजय व ज्ञानी ने बरसाई थी गोलियां
एसीपी चौक के मुताबिक पुल केपास पहुंचते ही मुकेश व दिनेश ने महेंद्र के कार को आवेर टेक किया। फिर बाइक आड़ी लगा दी। ताकि वह भाग न सके। इसके बाद संजय व ज्ञानी ने दोनों तरफ से घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। जिससे महेंद्र की मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी जिस तरह से कार व बाइक से आये थे। उसी गाड़ी से वापस भाग निकले। पुलिस के मुताबिक अभी इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी संजय, उसके सहयोगी, ज्ञान सिंह यादव उर्फज्ञानी, दिनेश सिंह ठाकुर, शनि कश्यप की तलाश की जा रही है।
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