सेक्टर छह के अस्पताल में एंटीबायोटिक इंजेक्शन से सात बच्चों की तबियत बिगड़ गई। यह बच्चे चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती थे।
जैसे ही रात को इन बच्चों को नर्स ने इंजेक्शन दिया, बच्चों की छाती में दर्द और उन्हें उल्टी शुरू हो गई। बच्चों की दिल की धड़कन भी तेज होनी शुरू हो गई।
इसकी जानकारी अस्पताल स्टाफ को दी गई तो बच्चों को इंजेक्शन लगाना बंद कर दिया गया। हालत बिगड़ने पर शुक्रवार को एक बच्चे को पीजीआई रेफर किया गया।
यहां भर्ती बच्चों की मां बरखा और इंदरवती ने बताया कि इंजेक्शन लगाने के बाद बच्चों की हालत खराब हुई। यह एंटीबायोटिक इंजेक्शन देर रात लगाया गया था।
इंजेक्शन लगते ही बच्चों की धड़कन तेज हो गई और छाती में दर्द शुरू हो गया। इसके बाद अन्य बच्चों को यह इंजेक्शन नहीं लगाए गए। डॉक्टरों ने उपचार किया तो बच्चों की हालत में सुधार हुआ।
बच्चों को एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाने के बाद उनकी तबियत खराब हुई। उसी समय बच्चों की जांच की गई। अब बच्चे सामान्य हालत में हैं। यहां से एक बच्चा शुक्रवार शाम चार बजे पीजीआई रेफर किया गया। मामले की जांच के लिए टेस्ट करवाए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट होगी।
-ऊषा गुप्ता, पीएमओ, जनरल अस्पताल