सीआईए-टू के अधिकारियों की मानें तो महिला के मोबाइल फोन के नंबरों की पुलिस जांच कर रही है। जहां जहां नंबर कनेक्ट होंगे उन्हें बुलाकर पुलिस पूछताछ करेगी। इसी के आधार पर नशा सप्लायरों तक पहुंचने में सफलता मिल सकती है और यूपी से कई गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
नशा बढ़ाने के लिए नशीले इजेक्शनों का इस्तेमाल
नशे को कई गुना बढ़ाने के लिए नशेड़ी एविल इंजेक्शन में स्मैक मिलाकर लगाते हैं। इसलिए एविल इंजेक्शन नशेड़ियों की पहली पसंद बनने से मरीजों को यह इंजेक्शन मेडिकल से उपलब्ध होना बंद हो गए हैं। आश्चर्य की बात तो ये है कि मरीजों को तो डॉक्टर के लिखने के बाद भी यह इंजेक्शन मेडिकल पर उपलब्ध नहीं होता, लेकिन नशेड़ियों को मेडिकल स्टोर पर यह आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
वहीं नशेड़ी बुप्रेनोरफिन से भी नशा करते हैं। यह ओपिओइड एगोनिस्ट-वैराग्य नामक दवाओं की श्रेणी के अंतर्गत आता है। यह उन लोगों को दिया जाता है जो ऑपियोऑडियो पर नशे की लत या निर्भरता रखते हैं। इसका उपयोग ड्रग एब्यूज का इलाज करने के लिए किया जाता है। नशेड़ी आजकल इसका इस्तेमाल नशे के लिए कर रहे हैं।