धनास के जंगल में स्थित काली माता मंदिर में शनिवार रात एक व्यक्ति ने माता की मूर्ति के सामने माथा टेकने के बाद त्रिशूल में अपनी गर्दन फंसाकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता रविवार सुबह पुजारी के मंदिर पहुंचने पर चला। पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। व्यक्ति की उम्र करीब 45 वर्ष है। पुलिस का दावा है कि व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त था। उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है।
घटना शनिवार रात 10.20 बजे की है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि व्यक्ति पीछे के रास्ते से मंदिर परिसर में रात करीब 9 बजे घुसा और जमीन पर लेट गया। करीब आधे घंटे बाद वह अचानक उठा और माता रानी के शेर की मूर्ति से लिपट गया। इसके बाद अचानक मूर्ति का सिर पकड़कर जोर-जोर से हिलाने लगा। साथ ही वह कुछ बड़बड़ा भी रहा था। इसके बाद उसने सभी मूर्तियों के सामने माथा टेका और माता की मूर्ति के सामने लगे त्रिशूल को पकड़कर खींचने लगा।
जब त्रिशूल नहीं उखड़ा तो वह नीचे बैठकर कुछ बड़बड़ाने लगा। फिर देखते ही देखते त्रिशूल के बीच उसने अपनी गर्दन फंसा ली। उसने त्रिशूल से निकलने की कोशिश भी की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद वह रातभर त्रिशूल के सहारे पड़ा रहा। अगली सुबह करीब 6 बजे पुजारी रमेश भारद्वाज मंदिर पहुंचे तो सन्न रह गए। घटना की सूचना उन्होंने मंदिर के प्रधान समेत वरिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल गुप्ता को दी।
इसके बाद सेक्टर-11 पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने उसे जीएमएसएच-16 पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं घटना के बाद मंदिर परिसर को धोकर सैनिटाइज किया गया।
मंदिर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल गुप्ता ने बताया कि व्यक्ति मंदिर में अक्सर पूजा करने आता था। कई बार धनास के एरिया में इसे देखा गया था।
तंत्र क्रिया का भी अंदेशा...जांच जारी
सीसीटीवी फुटेज से साफ हुआ है कि व्यक्ति जब मंदिर में आया था तो उसने पैंट और शर्ट पहने हुए था लेकिन आत्महत्या से पहले उसने पैंट-शर्ट उतारकर गमछा लपेट लिया। उसकी हरकतों से लग रहा था कि वह कोई तंत्र क्रिया से भी जुड़ा हो सकता है। ऐसे में पुलिस अब इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं उसने खुद की बलि तो नहीं दी है।
वहीं पुलिस का कहना है कि व्यक्ति की पहचान होने पर ही मामले का पूरी तरह से खुलासा हो सकेगा। सीसीटीवी में वह मानसिक रूप से विक्षिप्त भी लग रहा है। फिलहाल सेक्टर-11 थाना पुलिस ने शव को जीएमएसएच-16 की मोर्चरी में रखवा दिया है, जहां उसकी पहचान होने पर पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।