फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'अंकल, 10 पुलिसवालों ने बहुत मारा मुझे'

Thu, 14 Aug 2014 10:52 AM IST
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस की मार से बेहाल मासूम अब भी दहशत में है। नशा तस्कर बता पुलिस द्वारा घर से उठाए गए इस 13 साल के बच्चे के पैरों में सूजन है और चेहरे पर खौफ का साया।
विज्ञापन


नकोदर के सिविल अस्पताल में दाखिल मासूम ने पूछने पर डरते हुए बताया, अंकल मुझे 10 पुलिस वालों ने मिलकर बुरी तरह पीटा। जमीन पर लिटाकर मेरे पैरों पर डंडे मारे। पूरा दिन रोटी भी नहीं दी। क्यों मारते थे पुलिस वाले, इस सवाल पर उसने कहा, मुझसे कहते थे कि तुम नशा बेचते हो।

महितपुर थाने के अंदर की यह घटना रोंगटे खड़े कर देने वाली है। सातवीं कक्षा के इस बच्चे की मेडिकल जांच में उसके शरीर पर तीन जगह पुलिस प्रताड़ना के निशान पाए गए हैं। पुलिस उसे नशे की तस्करी के आरोप में घर से उठा ले गई थी। तीन गांवों की पंचायत उसे छुड़ाने के लिए थाने गई तो पुलिस ने उन्हें वापस भेज दिया।
विज्ञापन

राखी पर आई बहन को थाने में मिला भाई

राखी के दिन बहन लखविंदर कौर फिरोजपुर से आई तो पता चला कि भाई महितपुर थाने में बंद है। भाई की वापसी के इंतजार में शाम के सात बज गए। आखिरकार लखविंदर कौर खाना लेकर खुद थाने जा पहुंची।

संतरी ने अंदर जाने से रोका तो उसने राखी की दुहाई दी। भाई की हालत देखकर उसने राखी तो नहीं बांधी बस भरे मन से खाना खिलाकर लौट आई।

भाई की हालत देखकर उसने हाईकोर्ट में गुहार लगाने का फैसला किया। बाद में मंगलवार को हाईकोर्ट के निर्देश पर वारंट अधिकारी ने थाने में छापामारी कर बच्चे को पुलिस हिरासत से छुड़वा लिया।
विज्ञापन

रंजिश के चलते फंसाने की साजिश : मां

बच्चे की मां मोहिंदर कौर के अनुसार पुलिस ने बच्चे के पिता और भाई को पहले ही नशे की तस्करी के केस में जेल के अंदर कर रखा है। उनके इस बेटे को भी नशा तस्करी में फंसाने की योजना थी।

इसके पीछे पुरानी रंजिश है। पुलिस दीवारें फांदकर घर में घुसी थी। अंदर कैमरे भी लगे थे जिनको उतार लिया और लाडले को उठाकर थाने ले आए। तीन दिन तक बेटे को अवैध हिरासत में रखा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें