इस मामले में मृतक के मामा कुलदीप सिंह निवासी गांव माणकमाजरा ने पुलिस को बताया कि वह अपनी बहन के घर मिलने गए हुए थे। जब बहन के घर पहुंचे तो पता चला कि गुरविंदर सिंह गांव में ही एक शादी की पार्टी में गया है। बहन ने कहा कि वह यहीं रुक जाए और गुरविंदर के घर आने के बाद उससे मिलकर ही जाए, इसलिए वह वहीं पर रुक गया। इसके बाद रात करीब 10 बजे उन्होंने घर के बाहर जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनी। जब वह बाहर आए तो देखा कि लखविंदर नशे में धुत है और अपने हाथ में कुल्हाड़ी लेकर खड़ा है।
वह उनके भांजे गुरविंदर को गालियां दे रहा था। इसी दौरान उनके सामने ही उसने गुरविंदर की गर्दन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इस हमले के बाद गुरविंदर सिंह नीचे गिर गया। उसकी गर्दन पर काफी गहरा जख्म बन गया था। जबकि आरोपी ललकारे मारते हुए वहां से भाग गया। इसके बाद वह गंभीर घायल गुरविंदर सिंह को सोहाना स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। यहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसे बाद पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत पुलिस को दी।
कुछ दिन पहले ही दिल्ली आंदोलन से लौटा था मृतक
विवाहित गुरविंदर सिंह पेशे से किसान है और वह कुछ दिन पहले ही दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन से लौटा था। उसके परिवार में पत्नी सहित एक पांच साल का बेटा और सात साल की बेटी है। जबकि उस पर हमला करने वाला लखविंदर सिंह उसके ताऊ का बेटा है और वह भी पेशे से किसान ही है। वह मुख्य रूप से दूध बेचने का काम करता है और उसके परिवार में पत्नी सहित एक महीने का बेटा और पांच साल की बेटी है।
दोनों परिवारों में नहीं मेल-मिलाप
पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में पीड़ित परिवार ने बताया कि दोनों परिवारों में आपसी मेल-मिलाप नहीं है। इस वजह से ही दोनों में विवाद हुआ और मामला हत्या करने तक पहुंच गया। इस वारदात के बाद से दोनों परिवारों में खामोशी है। किसी को समझ नहीं आ रहा कि आखिर यह बात हत्या करने तक कैसे बढ़ गई।
वहीं पुलिस की ओर से यह भी जानकारी दी गई है कि इस वारदात के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं, सूत्रों के अनुसार आरोपी लखविंदर सिंह ने सुबह खुद ही थाने में पहुंचकर आत्मसमर्पण किया है।