ऑपरेशन ब्लू स्टार की 30वीं वर्षगांठ पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह के दौरान माइक न देने से नाराज अकाली दल मान के समर्थक और एसजीपीसी की टास्क फोर्स के कर्मचारियों में हिंसक झड़प हुई। इस झड़प में एक महिला श्रद्धालु समेत 12 लोग घायल हो गए।
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सभी घायलों को श्री गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। इस मामले में अमृतसर पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
श्री अकाल तख्त साहिब पर ऑपरेशन ब्लू स्टार से संबंधित कार्यक्रम की शुरुआत के लिए श्री आनंदपुर साहिब के जत्थेदार ज्ञानी मल सिंह की ओर से अरदास की गई। इसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कौम के नाम संदेश दिया।
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अरदास के बाद इस तरह से बिगड़ने लगे हालात
श्री अकाल तख्त साहिब पर ऑपरेशन ब्लू स्टार से संबंधित कार्यक्रम की शुरुआत
के लिए श्री आनंदपुर साहिब के जत्थेदार ज्ञानी मल सिंह की ओर से अरदास की
गई। इसके बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कौम
के नाम संदेश दिया।
संदेश के बाद जब अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान मारे गए युवाओं के परिवारों को सम्मानित करने के लिए बुलाना शुरू किया तो अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने माइक मांगा लेकिन उनको मना कर दिया गया।
मान के समर्थकों ने इसका विरोध किया। अकाली दल मान के फतेहगढ़ साहिब से नेता शिंगार सिंह ने भी विरोध किया तो टास्क फोर्स के कर्मचारियों ने उन्हें चुप करवाते हुए बाहर लेकर जाने की कोशिश की। इस दौरान शिंगारा सिंह की पगड़ी उतर गई। इसी दौरान श्री अकाल तख्त साहिब पर धक्कामुक्की शुरू कर तलवारें निकाल ली गई।
टास्क फोर्स के कुछ कर्मचारियों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पास पड़ी गुरु साहिबानों की तलवारें उठाकर मान दल के समर्थकों पर हमला बोल दिया। दमदमी टकसाल के भाई अमरीक सिंह ने अपने और मान के समर्थकों को माइक से शांत रहने की अपील की लेकिन उनसे भी माइक छीन लिया गया। इसके बाद दमदमी टकसाल के वर्करों ने भी अपनी तलवारें निकाल ली और टास्क फोर्स कर्मियों पर हमला बोल दिया।
देखते ही देखते अखाड़े में तब्दील हुआ परिसर
सिमरनजीत सिंह मान ने श्री अकाल तख्त से बाहर आकर अपने छोटे स्पीकर की सहायता से भी बोलना चाहा लेकिन उनको भी बोलने नहीं दिया गया।
वहीं अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिह मान और दमदमी टकसाल अजनाला के मुखी भाई अमरीक सिंह अपने समर्थकों के साथ श्री हरमंदिर साहिब परिसर से निकल गए। देखते ही देखते परिक्रमा में माहौल तनावग्रस्त बन गया।
सिख फेडरेशन भिंडरांवाला, दमदमी टकसाल, दल खालसा आदि के वर्करों ने भी अपनी तलवारें निकाल ली और टास्क फोर्स के कर्मचारियों पर हमला बोल दिया। कई घंटे श्री हरमंदिर साहिब में हंगामा होता रहा।
सुबह से लेकर बाद दोपहर तक तीन बार हिंसक झड़पें हुई
झड़प में कई श्रद्धालुओं की पगड़ियां उतर गईं। इस दौरान एसपी एचएस बराड़ समेत कई पुलिस कर्मी सादी वर्दी में मौजूद थे। अमृतसर पुलिस ने घटना के कई घंटे बाद शाम को आठ लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि पुलिस ने उनके नामों का खुलासा नहीं किया है।
सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिए गए युवाओं में दल खालसा के प्रवक्ता कंवरपाल सिंह बिट्टू भी हैं। ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन के अध्यक्ष करनैल सिंह पीर मुहम्मद को भी हिरासत में लिया गया था, बाद में उनको छोड़ दिया गया। टास्क फोर्स के कर्मचारी हरजिंदर सिंह हमले में सबसे ज्यादा गंभीर हैं।
उन्हें सिर, पीठ और बाजू पर चोट आई है। घटना के दौरान सबसे पहले हरजिंदर सिंह को ही तलवार लगी थी। टास्क फोर्स के पांच कर्मचारियों को इस हमले में चोट आई है। रेडिकल ग्रुपों के युवाओं और टास्क फोर्स के कर्मचारियों के बीच श्री अकाल तख्त साहिब और श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा में सुबह से लेकर बाद दोपहर तक तीन बार हिंसक झड़पें हुई।
श्री हरमंदिर साहिब परिसर में श्री अकाल तख्त साहिब पर ऑपरेशन ब्लू स्टार के 30 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान माइक न देने से नाराज अकाली दल मान के समर्थक और एसजीपीसी की टास्क
फोर्स के कर्मचारियों में हिंसक झड़प हुई। इस झड़प में एक महिला श्रद्धालु
समेत 12 लोग घायल हो गए।
इस मामले में अमृतसर की थाना ई डिवीजन पुलिस ने देर शाम तक 28 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।
28 में से 21 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। आरोपियों में एक महिला भी है। महिला दलजीत कौर बटाला के कस्बा कादियां की रहने वाली है। पुलिस बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।