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चंडीगढ़ में रिश्वत लेते धरे पुलिसवाले, पढ़ें पूरा सच

Thu, 04 Sep 2014 01:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ पुलिस की वर्दी एक बार फिर दागदार हुई है। 3 कर्मचारियों ने मात्र 10 हजार रुपये में अपना ईमान बेच दिया। चंडीगढ़ के सेक्टर-34 थाना प्रभारी राजेश शुक्ला सहित तीन पुलिस वालों को सीबीआई ने पार्किंग ठेकेदार से मंथली लेते गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी बुधवार शाम बुड़ैल चौकी के सामने हुई।
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पकड़े गए पुलिस वालों में हेड कांस्टेबल मुकेश और कांस्टेबल दिलबाज सिंह भी शामिल हैं। सीबीआई टीम ने मंथली रिश्वत राशि के दस हजार रुपये भी थाना प्रभारी की पैंट की जेब से बरामद कर लिए।

सीबीआई टीम ने थाना प्रभारी सहित तीनों पुलिसवालों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सीबीआई ने तलाशी ली तो शुक्ला के सेक्टर-34 स्थित घर से 35 लाख रुपये नकद मिले। इसके अलावा आभूषण और प्रापर्टी के दस्तावेज भी मिले हैं। देर रात तक तलाशी जारी थी।
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पार्किग ठेकेदार की शिकायत पर कार्रवाई

सेक्टर-34 की पार्किंग के ठेकदार ललित जोशी की शिकायत पर सीबीआई ने ट्रैप लगाया था। ठेकेदार के अनुसार पुलिसवाले पांच हजार रुपये मंथली वसूलते हैं। बीट बाक्स इंचार्ज हेड कांस्टेबल मुकेश और कांस्टेबल दिलबाज सिंह अगस्त और सितंबर महीने के दस हजार रुपये मांग रहे है।

सीबीआई ने शिकायत मिलने के बाद कांस्टेबल दिलबाज सिंह की रिश्वत मांगने की कॉल की रिकार्डिंग कर ली। साथ ही रुपये देने की बात हो गई। उसके बाद कांस्टेबल पहुंचा और उसने ठेकेदार को पार्किंग के बाहर बुला कर रुपये ले लिए।

कांस्टेबल ने रुपये लेकर साथ आए हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार को थमा दिए।  हेड कांस्टेबल ने एसएचओ शुक्ला को फोन किया तो उन्होंने दोनों को रुपये लेकर सेक्टर-34 थाने के बाहर आने को कहा।

सीबीआई की टीम ने पीछा करके पकड़ा

सीबीआई की टीम भी उनका पीछा करते हुए वहां पहुंच गई। एसएचओ राउंड पर थे और गाड़ी में थाने के पास पहुंचे और दोनों से रुपये लेकर तेजी से निकल गए।

इस पर सीबीआई की एक टीम ने हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को वहीं गिरफ्तार कर लिया और दूसरी टीम शुक्ला के पीछे लग गई। शुक्ला को बुड़ैल चौकी के आगे रुकते ही पकड़ लिया गया।

सीबीआई ने तलाशी ली तो एसएचओ की जेब से दस हजार रुपये बरामद हो गए। सीबीआई ने शुक्ला के जब हाथ धुलवाए तो लाल हो गए। रकम के साथ थाना प्रभारी की पैंट को भी सील कर दिया गया।
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डीएसपी बनने की लिस्ट में नाम था शुक्ला का

पुलिसवालों द्वारा मंथली मांगे जाने की शिकायत सेक्टर-34 की पार्किंग के ठेकेदार ललित जोशी ने सीबीआई को मंगलवार को दी थी। उसी दिन सीबीआई ने ट्रैप भी लगा दिया था, लेकिन बीट कांस्टेबल ने ठेकेदार से कहा कि वह रुपये लेकर बुधवार शाम को आए।

मंथली की दस हजार रुपये की राशि के साथ पकडे़ गए सेक्टर 34 थाना प्रभारी राजेश शुक्ला का नाम डीएसपी बनने की लिस्ट में था। डीएसपी बनने के लिए जल्द ही डीपीसी भी बैठने वाली थी।

डीएसपी और इंस्पेक्टर पहुंचे मौके पर
थाना प्रभारी राजेश शुक्ला को सीबीआई द्वारा पकड़े जाने के बाद डीएसपी समेत कई इंस्पेक्टर बुडै़ल चौकी में पहुंचे। सभी पुलिस अफसर चौकी के बाहर खड़े रहे। चौकी के बाहर खड़े होकर एक दूसरे से मामले के बारे में पूछने लगे हुए थे।
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