पुलिस ने शराब की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने दबोच लिया, जबकि एक फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीशवर शर्मा उर्फ मोनू और सतवीर और पवन निवासी मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश किया, कोर्ट ने दो दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एक आरोपी पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
जांच अधिकारी एएसआई अजीत सिंह ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि चंडीगढ़ से कुछ लोग शराब की तस्करी कर मेरठ ले जा रहे हैं। इसके बाद अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर पुलिस ने नाकाबंदी शुरू कर दी। इस दौरान, दिल्ली नंबर की एक स्कोडा कार को रोककर उसकी तलाशी ली तो डिग्गी से पुलिस को चंडीगढ़ की 20 पेटी शराब (240 बोतल अंग्रेजी) बरामद हुई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने ले गई। उनके खिलाफ मामला दर्ज करके अदालत में पेश किया।
गिरोह का मास्टर माइंड है दर्जी
एसएचओ पवन शर्मा ने बताया कि शराब तस्करी के इस गिरोह का मास्टर माइंड सतवीर है, जो दर्जी हैं और मेरठ से संबंध रखता है। उन्होंने बताया कि एक बार सतवीर काम के सिलसिले में चंडीगढ़ आया था। उसने यहां से शराब खरीदकर उसे मेरठ ले जाकर महंगे दाम पर बेचने लगा। धीरे-धीरे उसने इस पेशे को अपना धंधा बना लिया और मेरठ में अपने जानकार को अपने साथ जोड़ लिया। एसएचओ ने बताया कि तस्करी गिरोह का सतवीर मास्टर माइंड बन गया। उसने शुरुआत में छोटे स्तर पर शराब की तस्करी शुरू कर दी। अब वह दर्जनों की संख्या में शराब की पेटियां मेरठ ले जाने लगा।
चंडीगढ़ और यूपी में पुलिस करेगी छापेमारी
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से चंडीगढ़ के शराब ठेके और मेरठ के ठिकानों संबंधी पूछताछ की जाएगी। आरोपियों का पुराना रिकार्ड खंगाला जा रहा है। पवन शर्मा ने बताया कि चंडीगढ़ और यूपी में छापेमारी के लिए एएसआई अजीत सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन कर दिया है, जो आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी करेगी।