अकरम बोले, मारने वालों
की जमात ने ही मुझे बचाया
- चंदन की मौत पर परिवारवालों के लिए जताई संवेदना
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
कासगंज हिंसा में घायल हुए लखीमपुर शहर के अकरम का कहना है कि जिन्होंने उन्हें घायल किया, उन्हीं की जमात के लोगों ने मुझे बचाया भी। यहां अकरम का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें अकरम कह रहे हैं कि जिन्होंने उसे मारा उनकी भीड़ ने ही उसे बचाया। अकरम ने हिंसा में मारे गए चंदन के परिवार के प्रति संवेदना भी जताई है।
गणतंत्र दिवस पर कासगंज में हुई हिंसा के दौरान लखीमपुर के हार्डवेयर व्यापारी हबीब खां का बेटा अकरम भी पत्थर लगने से घायल हो गया था। हमले में उसकी एक आंख जख्मी हो गई थी। अकरम की पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया है। इससे एक तरफ अकरम के घर में खुशी है तो दूसरी तरफ उसके घायल होने का दुख भी है। अकरम के भाई अन्नान ने बताया कि अकरम की हालत में सुधार हो रहा है। अकरम बताते हैं कि अलीगढ़ में वह अपनी पत्नी से मिलने अलीगढ़ जा रहे थे। कासगंज में वह बवालियों के बीच फंस गए। अकरम कहते हैं कि लोगों ने बिना जाने समझे उस पर हमला कर दिया। इसी भीड़ में से कुछ लोगों ने उसकी जान बचाई और गाड़ी की चाभी उसे दे दी। उन्हीं लोगों की बदौलत वह जिंदा बच सका और अपनी बेटी को देख सका। अकरम ने लोगों से अपील की कि वे अमन का रास्ता अपनाएं। चंदन की मौत पर उन्होंने संवेदना व्यक्त की है।