ढाई साल की बच्ची से रेप के दोषी युवक उमा नाथ (21) को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज पूनम आर जोशी की अदालत ने 15 साल की सजा सुनाई है। जिला अदालत ने बडहेड़ी निवासी दोषी उमा नाथ गुरी उर्फ भूरा पर एक लाख पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने बीते सप्ताह ही उमा नाथ को पॉक्सो एक्ट की धारा-6 के तहत दोषी करार दिया था।
जज ने फैसले में लिखा, बच्चियों को माना जाता है भगवान
जज ने अपने फैसले में लिखा है कि दोषी को बच्ची से एक पिता समान व्यवहार करना चाहिए था, लेकिन उसने बच्ची से हवस पूरी करने की कोशिश की। भारतीय समाज में बच्चियों को भगवान माना जाता है। कई मौकों पर बच्चियों की पूजा की जाती है। बावजूद इसके दोषी ने बच्ची की मासूमियत का फायदा उठाने का प्रयास किया।
दोषी टॉफी खिलाने का लालच देकर ले गया था छत पर
बीते 22 फरवरी को पुलिस ने बच्ची की मां की शिकायत पर उमा नाथ के खिलाफ केस दर्ज किया था। शिकायत में बताया गया था कि उमा नाथउनके पड़ोस में रहता था। वह बच्ची को टॉफी का लालच देकर अपने साथ घर की दूसरी मंजिल पर ले गया। वहां उसने बच्ची से दुराचार का प्रयास किया, उस दौरान बच्ची रोने लगी। मां आवाज सुनकर छत पर पहुंची तो बेटी को जोर-जोर से रोते देखा, लेकिन उमा नाथ मौके से फरार हो गया। शिकायत पर पुलिस ने जीएमएसएच-16 में बच्ची का मेडिकल करवाया, जिसमें दुराचार की पुष्टि हुई थी।