दो साल पहले 5 करोड़ की हेरोइन के साथ पकड़े गए युवक अब सजा भुगतेगा। अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए बड़ी सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी को जसबीर सिंह को 10 साल की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना नहीं चुकाने पर जसबीर को दो साल और जेल में काटने पड़ेंगे। यह फैसला अतिरिक्त जिला सेशन जज अंशुल बेरी ने सुनाया है। सरकार की ओर से उप जिला अटार्नी गुरदीप सिंह केस लड़ रहे थे।
रात में एक्टिवा से हेरोइन लेकर आ रहा था
जानकारी के मुताबिक चार जुलाई 2014 को थाना फेज-1 पुलिस एवं सीआईए स्टाफ ने फेज-6 स्थित गुरुद्वारा साहिब के पास नाका लगा रखा था। नाके की अगुवाई तत्कालीन एसएचओ राजीव कुमार कर रहे थे। रात साढ़े दस बजे एक्टिवा (पीबी 02 बीयू 5328) पर एक व्यक्ति आ रहा था। पुलिस को देखकर वह एक्टिवा छोड़कर भागने लगा। इस दौरान पुलिस ने उसे काबू कर लिया। तलाशी लेने पर एक्टिवा की डिग्गी से एक किलो हेरोइन बरामद हुई थी। आरोपी के खिलाफ थाना फेज-1 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
एमपी में ढाबे से चलाता था नशे का कारोबार
पुलिस पूछताछ में पता चला था कि जसबीर जब सेंट्रल जेल में बंद था। उस दौरान उसने अपने लिंक मध्यप्रदेश में बना लिए थे। वर्ष 2003 में पुलिस से बचते हुए वह मध्यप्रदेश चला गया था। वहां पर उसने एक ढाबा खोला था। लेकिन असल में उसका कारोबार नशे का ही था। कुछ समय बाद वह पंजाब में सक्रिय हो गया था।
डिमांड के हिसाब से बदलता था कारोबार
जेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि जसबीर ने अफीम से नशे के कारोबार की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद जिस नशे में लोगों का रुझान ज्यादा होता था। उसका ही कारोबार शुरू कर देता था। वह भुक्की, भांग, मेडिकल नशे सब बेच चुका है। अब उसकी तैयारी आईस नशे के कारोबार पर लगी थी। इसके लिए उसने ग्राहकों की तलाश शुरू कर दी थी।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट से करता था तस्करी
जसबीर काफी शातिर था। वह पुलिस की नजर में न आए। इस लिए वह नशे की सप्लाई पब्लिक ट्रांसपोर्ट से करता था।
पत्नी से चल रहा है विवाद
जांच में सामने आया था कि जसबीर के पत्नी और दो लड़के हैं। जब वह पकड़ा गया था तो दोनों बेटे 12 और 14 साल के थे। पत्नी से उसका विवाद चल रहा था। ऐसे में बच्चे अपनी मां के साथ ही रहते हैं। वर्तमान में उसका अपने परिवार से कोई लेना-देना नहीं है।
पैरोल लेकर गया था, फिर हो गया भगोड़ा
पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2001 में अबोहर के थाना सदर में जसबीर को 56 किलो अफीम सहित काबू किया गया था। दो अन्य केस भी उस पर दर्ज हैं। वह सेंट्रल जेल फिरोजपुर में बंद था। इस दौरान वह मेडिकल लेकर पैरोल पर आया था। इसके बाद वह जेल नहीं लौटा। कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। उस मामले में उसके साथ पकडे़ गए दो अन्य लोगों को दो-दो लाख जुर्माना और 12-12 साल की कैद की सजा हुई थी।