बीते दिन टीम को गुप्त सूचना मिली कि यह चोर गिरोह स्विफ्ट डिजायर कार से चंडीगढ़ चोरी की वारदात को अंजाम देने आ रहा है। इस सूचना के बाद टीम ने एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट के पास नाकाबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 300 ग्राम सोने के गहने बरामद किए हैं।
आरोपियों पर 46 मामले दर्ज
क्राइम ब्रांच की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, लुधियाना और देहरादून में सक्रिय है। इनके खिलाफ घरों में चोरी करने के कुल 46 मामले दर्ज हैं। इनमें आरोपी इशाद पर दिल्ली, देहरादून और पंजाब में 21 मामले, मुकेश कुमार पर 12, कमल पर दिल्ली में 2, जिशान पर 3 और संदीप पर 8 मामले दर्ज हैं।
चोरी के नौ मामले सुलझे
चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच ने इन आरोपियों को पहली बार गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पकड़ में आने से चंडीगढ़ के सेक्टर-49 में दो, सेक्टर-39 में एक, सेक्टर-34 में एक, सेक्टर-26 में एक, मनीमाजरा थाने में एक, मलोया में दो और सारंगपुर थाने में दर्ज चोरी के एक केस को सुलझा लिया गया है।
चोरी करने प्राइवेट वाहन से आते थे चंडीगढ़
चोरी की वारदातों को अंजाम देने यह गिरोह दूसरे राज्यों से प्राइवेट गाड़ी से चंडीगढ़ आता था और गिरोह के सदस्य उसी घर निशाना बनाते थे, जिनमें ताला लगा होता है। इसके बाद आरोपी चंद मिनट में घर का ताला तोड़कर गहने और नकदी चोरी कर चंडीगढ़ से फरार हो जाते थे। क्राइम ब्रांच के अनुसार, इस गिरोह में और भी सदस्य शामिल हैं, जिनके बारे में पुलिस सुराग जुटा रही है।
फाइनेंस कंपनियों के पास गहने गिरवी रखकर हो जाते थे फरार
एसपी क्राइम ब्रांच ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी के जेवर न्यू दिल्ली स्थित मूथूट फिनकॉर्प लिमिटेड और आईआईएफएल (इंडिया इंफोलाइन फाइनेंस लिमिटेड) कंपनी में गिरवी रखकर लोन उठाते थे और बाद में बिना गहनों को छुड़वाए वहां से रफूचक्कर हो जाते थे।