चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) ने मिलकर एक नई पहल क्रिएट योर स्टार्टअप की शुरुआत की है। इसके तहत युवाओं को अपना खुद का स्टार्टअप शुरू करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। यह प्रोग्राम पीयू के डीएसटी टेक्नोलॉजी एनेबलिंग सेंटर की ओर से संचालित किया जाएगा। इच्छुक युवा, छात्र, शिक्षक, शोधकर्ता और पेशेवर 30 सितंबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। यह कार्यक्रम एक अक्तूबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा।
यह छह महीने का हाइब्रिड प्रोग्राम है। इसमें 12 सत्र और 7 प्रायोगिक असाइनमेंट शामिल हैं। प्रतिभागियों को स्टार्टअप के पंजीकरण से लेकर फंडिंग और बिजनेस प्लान बनाने तक की पूरी प्रक्रिया में मदद की जाएगी। यह प्रोग्राम खास तौर पर फिनटेक और सेवा-आधारित स्टार्टअप पर केंद्रित होगा। इसके अलावा यह आईआईटी और एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की पेटेंटेड तकनीकों पर आधारित उद्यमों को भी प्रोत्साहित करेगा।
प्रोग्राम के मुख्य मॉड्यूल
प्रतिभागियों को स्टार्टअप बनाने और उससे जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। उन्हें अपने आइडिया और टेक्नोलॉजी को सुरक्षित रखने के लिए बौद्धिक संपदा अधिकारों की जानकारी दी जाएगी।युवाओं को बाजार की जरूरतों को समझने और प्रभावी डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने में मदद मिलेगी। यह प्रोग्राम स्टार्टअप के लिए निवेशकों से फंडिंग प्राप्त करने की तैयारी पर विशेष ध्यान देगा।
सपनों को हकीकत में बदलने में मदद मिलेगी
कार्यक्रम के आखिर में प्रतिभागियों को अपने बिजनेस प्लान को देश के शीर्ष निवेशकों के सामने प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। यह इन्वेस्टर्स मीट 12 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। इसमें सफल स्टार्टअप्स को इक्विटी-आधारित फंडिंग मिल सकती है जिससे उन्हें अपने उद्यम को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। पंजाब विश्वविद्यालय के डीएसटी-टेक को-ऑर्डिनेटर प्रो. मनु शर्मा के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों तरह का अनुभव प्रदान करना है। इसमें सीईओ, स्टार्टअप संस्थापकों, निवेशकों और प्रतिष्ठित संस्थानों के पूर्व छात्रों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे युवाओं को अपने सपनों को हकीकत में बदलने में मदद मिलेगी।