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घर के साथ, खुद को भी संवारना है तो आएं कलाग्राम

Mon, 02 Dec 2013 10:15 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
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घर को संवारने के लिए नागालैंड के फूल और खुद को संवारने के लिए चांदी की बालियां। ये दोनों ही कला ग्राम के मेले में आकर्षण का केंद्र बन गए हैं।
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चंडीगढ़ प्रशासन और नार्थ जोन कल्चरल सेंटर द्वारा आयोजित इस मेले में ये आर्टिफिशियल फूल लेकर आई हैं नगालैंड की ‘फिंगरट्रिप’ और चांदी के गहने लेकर आया है ‘ओडिशा फिलिगिरी’।

मेले में यूं तो 130 स्टाल हैं, पर ज्यादा भीड़ इन दो स्टाल पर ही नजर आ रही है। महिलाओं की खास पसंद बन गए इस स्टाल में ईयरिंग, पेंडेंट और ओडीशी सेट भी हैं।
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इनकी कीमत 200 से लेकर 20 हजार रुपये तक है। वहीं एक आर्टिफिशियल फूल की कीमत तीस रुपये है। इसी स्टाल पर खरीदारी के लिए आईं सेक्टर-35 की हरलीन कौर ने कहा कि चांदी से बनाई गई यह ईयरिंग उनको बेहद पसंद आईं।

पंचकूला सेक्टर-11 के रहने वाले गुरप्रीत सिंह ने कहा कि ऐसे पेंडेंट इतने सस्ते दामों में नहीं मिलते हैं।
तमिलनाडु से आए लोकनाथन ने बताया कि अभी उनको तंजावर पेंटिंग को ज्यादा रिस्पांस नहीं मिल रहा है।

लोग आते हैं और देखकर चले जाते हैं। घर को सजाने के लिए यहां पामलीफ की पेंटिंग काफी पसंद की जा रही है। वहीं यहां रानी पुडुचेरी से मोती और क्रिस्टल के आर्टिफिशियल गहने लेकर आई हैं।

धान और सोला वुड आर्ट से लगेंगे चार चांद:
पश्चिम बंगाल की सोला वुड से बनाईं मूर्तियां घर में चार चांद लगाएंगी। यह मूर्तियां बनाने वाले सैमुअल घोष ने बताया कि इन मूर्तियों को चांदी और धान से तैयार किया गया है। इन मूर्तियों की कीमत ढाई सौ रुपये से एक हजार रुपये तक है।
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सिक्की घास से तैयार किए वाल हैंगिंग:
बिहार की मीरा ठाकुर ने बताया कि उन्होंने सिक्की घास का प्रयोग करना अपने पूर्वजों से सीखा। यह खास घास वह अपने साथ लेकर आती हैं और यहां उसको वाल हैंगिंग की शक्ल देती है। यह वाल हैंगिंग काफी मजबूत होते हैं।
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