राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के कारण एनजीटी काफी सख्त रवैया अपना रही है। एनजीटी ने पूरे देश में पटाखे चलाने पर बैन लगाया है। दिल्ली सरकार ने तो तीस नवंबर तक दिल्ली में पटाखे बेचने और चलाने वालों पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी तय कर दिया है। साथ ही चंडीगढ़ प्रशासन ने भी पटाखे चलाने पर बैन लगा दिया है। हरियाणा सरकार ने दो घंटे पटाखे चलाने का समय दिया है।
पंजाब सरकार ने पहले तो कोई रोक नहीं लगाई थी, लेकिन एनजीटी के सख्त रवैये के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दो घंटे पटाखे चलाने का समय तय किया और सभी को ग्रीन दिवाली मनाने का संदेश दिया है, ताकि प्रदूषण कम हो।
महानगर की होलसेल मार्केट में बैठे पटाखा व्यापारी अशोक थापर और त्रिभुवन थापर ने बताया कि ग्रीन पटाखे ब्रांडेड कंपनियों के हैं। इन पटाखों में जो केमिकल पड़ता है वह काफी अच्छी क्वालिटी का होता है। इसके साथ साथ कोल्ड अनार और अन्य ऐसे कई पटाखे आते हैं, जिनसे प्रदूषण कम होता है।
रिश्तेदारों के घर जा रहे पटाखे चलाने के शौकीन
दिल्ली और चंडीगढ़ में पटाखों पर बैन लगाए जाने के बाद यहां के पटाखे चलाने के शौकीन लोग महानगर में अपने रिश्तेदारों के घरों पर दिवाली के दिन आने की तैयारी में जुट गए हैं, ताकि वह पटाखे चला सकें।
पटाखा कारोबारियों में पंजाब सरकार की तरफ से जारी आदेशों के बाद काफी मायूसी है। पटाखा कारोबारी अशोक थापर, प्रदीप गुप्ता, विशाल शैली, चिंटू कुमार, हरीश सिंगला का कहना है कि महानगर में पहले ही पटाखे की दुकानें पचास से अधिक लगती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से सिर्फ 13 दुकानें रह गई हैं। इस कारण पटाखा कारोबार कम हो चुका है।
उन्होंने सरकार के आदेशों के अनुसार ही लाइसेंस लिए हैं। दुकानें मिलने के बाद सभी दुकानों में करोड़ों रुपये का पटाखा पड़ा है। सरकार के आदेशों के बाद मार्केट में ग्राहक कम हो गए हैं। दुकानदारों ने कहा कि लॉकडाउन के कारण व्यापारियों की कमर पहले ही टूटी पड़ी है। जैसे तैसे पैसों का इंतजाम कर काम करना चाहा तो अब सरकार ने परेशानी बढ़ा दी है।
आदेशों के बाद ही लाइसेंस जारी किए हैं
डिप्टी कमिश्नर वरिंदर शर्मा ने बताया कि पिछले चार वर्षों से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जो आदेश आ रहे हैं, इस साल भी उसी तरह ही आदेश जारी किए गए हैं। इन आदेशों के बाद ही लाइसेंस जारी किए गए हैं और सारा काम किया जा रहा है।