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छात्रा के अंतिम संस्कार में नवजोत सिद्धू ने दिखाए तीखे तेवर

Thu, 13 Aug 2015 12:19 PM IST
सुशील कुमार/अमर उजाला, कालबंजारा (संगरूर)
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छेड़छाड़ से परेशान होकर आत्मदाह करने वाली युवती बेअंत के अंतिम संस्कार में पहुंची सीपीएस सिद्धू ने विवादित बयान देकर सभी को चौंका दिया।
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सीपीएस नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि यह मेरी बहन की हत्या हुई है। इंसाफ के लिए वे किसी भी सीमा को पार करने के लिए तैयार हैं। सीपीएस सिद्धू बेअंत के अंतिम संस्कार के मौके पर कालबंजारा पहुंची थीं। यहां उन्होंने बेअंत के भाई जगसीर को सांत्वना दी और उसकी बहन को इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिया।

सीपीएस डॉ. सिद्धू ने कहा कि इस मामले को वह विधानसभा में उठाएंगी और इसकी जानकारी राष्ट्रीय नेतृत्व को भी दी जाएगी। गांव के सरकारी स्कूल को छात्रा बेअंत कौर के नाम पर अपग्रेड करवाया जाएगा और परिवार को 10 लाख रुपये दिलाए जाएंगे। यदि राज्य सरकार ने पैसे नहीं दिए तो वह अपने फंड से पैसे देंगी।
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पुलिस कार्रवाई में बाद किया छात्रा का अंतिम संस्कार

गौरतलब है कि गांव कालबंजारा की नाबालिग छात्रा बेअंत कौर का बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि परिजनों, गांववासियों तथा विभिन्न सियासी दलों के नेताओं ने इंसाफ के लिए लहरागागा मुख्य सड़क पर शव को रखकर धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

धरने में भाजपा की सीपीएस डॉ. नवजोत कौर सिद्धू भी शामिल हुईं। करीब तीन घंटे तक रोष प्रदर्शन जारी रहा। लोग मांग पर अडे़ रहे कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। मौके पर पहुंचे डीएसपी बीके शर्मा ने सभी चारों आरोपियों मनी सिंह, मनी खंडेबाद, स्वर्णी सिंह और जगसीर सिंह की गिरफ्तारी की पुष्टि की, लेकिन आंदोलनकारियों ने इसे नामंजूर कर दिया।

फिर दो व्यक्ति थाने में चारों आरोपियों को देखकर आए। उसके बाद संस्कार किया गया। 4 अगस्त को छेड़खानी से परेशान दसवीं की छात्रा बेअंत कौर ने घर में मिट्टी का तेल डालकर खुद को आग लगा ली थी। 80 फीसदी जलने के कारण उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया था। जहां मंगलवार को उसने दम तोड़ दिया था।   
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जगह-जगह ठेके खुल सकते हैं स्कूल नहीं

धरने के दौरान आम लोगों ने कहा कि पंजाब में जगह जगह शराब के ठेके तो खुल सकते हैं लेकिन सरकारी स्कूल नहीं बन रहे हैं। इंसाफ के नाम पर लोगों को लाठियां व गालियां खानी पड़ रही हैं।

वामदलों के नेता व पूर्व विधायक हरदेव सिंह अर्शी ने डिप्टी सीएम से नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र देने की मांग की। छात्रा के भाई जगसीर सिंह ने मांग की कि गांव स्कूल को अपग्रेड किया जाए ताकि फिर कोई बेटी ऐसे हादसे का शिकार नहीं हो।     

बहन की लाश से लिपट कर रोता रहा भाई जगसीर
बेअंत कौर का भाई जगसीर सिंह अपनी बहन की लाश से लिपट कर रोता रहा। जैसे की सीपीएस सिद्धू पहुंचीं तो जगसीर फूट-फूट कर रोने लगा। डॉ. सिद्धू ने जगसीर को संभाला।
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