हरियाणा गोसेवा आयोग ने गोसवंर्धन व गो संरक्षण अधिनियम के तहत गउशालाओं में गायों की अप्रैल माह तक टैगिंग करवाने का निर्णय लिया है।
इस समय हरियाणा में पंजीकृत व अपंजीकृत 423 गउशाला हैं, जिनमें लगभग तीन लाख गोवंश हैं। टैगिंग से देसी, जर्सी नस्ल बछड़े ,बछड़ी व सांड़ और बैलों की अलग-अलग पहचान हो सकेगी।
यह जानकारी हरियाणा गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने मंगलवार को पंचकूला स्थित आयोग के कार्यालय में बुलाई गई एक समीक्षा बैठक के दौरान दी।
इस बात की भी जानकारी दी गई कि आयोग ने हर गांव में पंचायत और गांव के लोगों के साथ मिलकर सौ-सौ बेसहारा गोवंश के लिए गउ गृह बनाने की पहल की है।
इसके अलावा, अगले वर्ष में पांच गउशालाओं को आदर्श गउशाला बनाने के साथ-साथ गउशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने का भी प्रस्ताव है।
आयोग ने भूसे व चारे के लिए 253 गउशालाओं को लगभग 3 करोड़ 10 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की है।
बैठक में इस बात की जानकारी दी गई कि आयोग के गठन के चार महीने के बाद अब तक आयोग के सदस्यों की ओर से लगभग आठ जिलों व हरियाणा में लगभग 50 गउशालाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इस बात पर विचार किया गया कि
गोसेवा के कार्य को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।