गो तस्करी पर रोक के लिए तय कानून को कारगर सिद्ध कराने की मंशा से अहम कदम उठाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान के तहत सुनवाई का निर्णय लिया है।
गोवंश की रक्षा के लिए बनाए गए एक्ट के पालन को लेकर हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस, पशुपालन विभाग तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को बैठक करने के आदेश दिए हैं।
इसके साथ ही गोवंश संरक्षण एवं गो संवर्धन एक्ट 2015 का बेहतर तरीके से पालन करने के बारे में अपनी रिपोर्ट हरियाणा सरकार को केस की अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में दाखिल करनी होगी।
गो तस्करी मामले में कुरुक्षेत्र निवासी रेणुका चोपड़ा ने याचिका दाखिल कर कहा था कि हरियाणा और पंजाब में गोतस्करी हो रही है। यहां से गो वंश को दूसरे राज्यों में लेजाकर बूचड़खाने में वध कर दिया जाता है।
याची ने कहा था कि इस काम में अधिकारी तस्करों की मदद करते हैं और प्रतीत होता है कि दोनों राज्य मवेशियों का वध करने वाले कारोबारियों के सप्लायर बने हुए हैं। नियमों के अनुरूप गाय को यूपी भेजने के लिए परमिट जारी नहीं किया जा सकता है।