महिला ने शिकायत में कहा था कि आरोपी उसे नशीला पदार्थ देकर अगवा करके कहीं ले गया था। जहां पर उसने कई बार दुष्कर्म किया। चाकू की नोंक पर 15 दिन तक लगातार उससे दुष्कर्म करता रहा। 15वें दिन वह किसी तरह आरोपी के चंगुल से निकली और अपने घर पहुंची। उसने परिजनों को आकर आपबीती बताई।
परिजन उसे थाने लेकर पहुंचे। जहां उसने आरोपी के खिलाफ शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पर पहले से दर्ज अगवा करने के मामले में दुष्कर्म समेत कई और धाराओं को जोड़ दिया था। तभी से मामला कोर्ट में चल रहा था। अब कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए उसे दोषी ठहराया है और कठोर उम्रकैद व साढे़ 21 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। दोषी को एक अन्य मामले में पहले ही सजा हो चुकी है।
रात तीन बजे बच्ची रोती हुई मिली थी : सरपंच पति ने शिकायत में बताया था 17-18 मार्च की रात करीब तीन बजे उसकी सात माह की बेटी कमरे में रो रही थी। उसके रोने की आवाज सुनकर वह कमरे में गया। लेकिन वहां से उसकी पत्नी गायब थी। शिकायत में सरपंच पति ने बताया था कि 17 मार्च की शाम को उसने दोषी को उसके घर के पास खेतों में घूमते हुए देखा था। जिससे उसका शक उस पर गया था। आरोपी अक्तूबर 2016 में भी महिला को अगवा करके ले गया था। लेकिन तब मामला पंचायत में सुलझ गया था।