1999 में सेक्टर-34 में हुए बम ब्लास्ट मामले में आरोपी और आतंकी रतनदीप सिंह को सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश न करने को अदालत ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने इसे पूर्व के आदेश का पालन न करना मानते हुए नाभा जेल सुपरिंटेंडेंट को नोटिस भेजा है।
इसमें कहा गया है कि, एक अगस्त 2015 को दिए एक आदेश के तहत उन्हें आरोपी को हर सुनवाई पर पूरी सुरक्षा के साथ पेश करने को कहा गया था। इसके बावजूद जेल प्रशासन की ओर से आरोपी को सुनवाई पर पेश नहीं किया गया। ऐसा करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
कोर्ट ने नाभा जेल सुपरिंटेंडेंट को 29 फरवरी तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। इससे पहले केस की सुनवाई के दौरान नाभा जेल की ओर से बताया गया कि आरोपी को पेश करने के लिए उनके पास गारद नहीं है। इसलिए वह उसे इस बार पेश नहीं कर सकेंगे। बता दें कि इससे पहले भी रतनदीप 4-5 बार कोर्ट में पेशी पर नहीं आया था।
पिछले साल उसने अदालत में दायर एक याचिका में अन्य कैदियों से अपनी जान को खतरा बताया था। उसका कहना था कि उसे अन्य आरोपियों के साथ एक ही गाड़ी में पेशी पर न लाया जाए। इस पर अदालत ने जेल सुपरिंटेंडेंट को आरोपी को कड़ी सुरक्षा में हर सुनवाई पर पेश करने के आदेश दिए थे। वहीं आरोपी को पेश न करने के कारण केस में पुलिस गवाहों के बयान दर्ज नहीं हो सके। अब इनके बयान अगली तारीख पर होंगे।
पिछले महीने हुए थे आरोप तय
8 जनवरी को रतनदीप के खिलाफ जिला अदालत ने विस्फोटक एक्ट 3, 4 व 5 और हत्या के प्रयास की धाराओं समेत चोट पहुंचाने की धारा में आरोप तय किए थे। रतनदीप को वर्ष 2014 में 8 सितंबर को पंजाब पुलिस ने नेपाल बार्डर से गिरफ्तार किया था। जींद के समीप गांव रोहड़ निवासी रतनदीप पर 1999 में शहर के सेक्टर-34 में हुए बम ब्लास्ट के लिए आरडीएक्स मुहैया कराने का आरोप है।