सिप्पी मर्डर केस में यूटी पुलिस की ओर से जिला अदालत में दायर अर्जी के बाद सिप्पी मर्डर केस में संदेह के दायरे में आई हाईकोर्ट की एक जज की बेटी को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उसे 22 दिसंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश जारी किए हैं।
यूटी पुलिस ने कुछ दिन पहले ही इंटरनेशनल शूटर सुखमनजीत सिंह उर्फ सिप्पी की हत्या में हाईकोर्ट की एक जज की बेटी की संदिग्ध भूमिका बताकर उसका लाई डिटेक्टर और ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने की जिला अदालत में अर्जी दायर की थी।
यूटी पुलिस की याचिका पर डिस्ट्रिक्ट अटार्नी (डीए) राजेंद्र सिंह और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट अटार्नी अशोक रोहिला ने बहस की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि सिप्पी मर्डर केस में जज की बेटी की भूमिका संदिग्ध है।
मृतक की मां और भाई के बयान में भी उसे मुख्य आरोपी बताया गया है। उनके अनुसार इन दोनों में गहरी दोस्ती थी इसलिए भी उससे पूछताछ होनी जरूरी है।
डीए और एडीए ने कोर्ट को सिल्वी वर्सेज कर्नाटक सरकार के केस में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला दिया। इसमें कहा गया था कि पुलिस किसी केस में संदिग्ध का यह टेस्ट करा सकती है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह भी कहा गया था कि उक्त टेस्ट के लिए पुलिस के पास संदिग्ध की अनुमति जरूरी है। अगर संदिग्ध इससे इंकार कर दे तो पुलिस इसे जबरन नहीं करा सकती है।
सरकारी वकीलों का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने केस में मुख्य संदिग्ध जज की बेटी को नोटिस जारी कर 22 दिसंबर को कोर्ट में पेश होने को कहा है।