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महिला से शादी की, जुड़वां बच्चे हुए तो दूसरे के बताकर छोड़ दिया... अब डीएनए टेस्ट से खुलेगा राज

Wed, 18 Nov 2020 09:25 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक
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डीएनए टेस्ट - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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हरियाणा के रोहतक में एक महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया तो आरोपी वकील ने बचने के लिए उससे शादी कर ली। शादी के बाद जुड़वां बच्चे हुए तो वकील ने उन्हें अपनाने से इंकार कर दिया और बाद में बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर ली। मामला सीजेएम कोर्ट पहुंचा तो अदालत ने जुड़वां बच्चों और आरोपी का डीएनए टेस्ट करवाने का आदेश दे दिया। 

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पीड़िता के वकील पीयूष गक्खड़ ने बताया कि रोहतक की एक युवती ने शिवाजी कॉलोनी थाने में केस दर्ज करवाया था कि 2015 में उसका संपर्क पलवल के एक युवक से हुआ, जो रोहतक में लॉ की पढ़ाई कर रहा था। आरोप है कि 2016 में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह गर्भवती हो गई। 


जब उसने आरोपी को बताया तो उसने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आर्य समाज मंदिर में उससे शादी कर ली। इसके बाद उसे जुड़वां बच्चे हुए। आरोपी ने उसके बच्चों को अपनाने से इनकार कर दिया और किसी अन्य युवती से शादी कर ली। पुलिस ने मामले की जांच की। 
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जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस ने सीजेएम विवेक सिंह की अदालत में याचिका दायर करके आरोपी वकील का डीएनए टेस्ट करवाने की अर्जी दाखिल की, लेकिन आरोपी वकील ने यह कहकर इनकार दिया कि, इससे जुड़वा बच्चों के सामाजिक जीवन पर असर पड़ेगा। 

दूसरी तरफ पीड़िता के वकील ने अदालत को बताया कि कई बार केस की सच्चाई जानने के लिए डीएनए टेस्ट करवाना अनिवार्य होता है। सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट तक विशेष स्थिति में मना करने के बावजूद डीएनए टेस्ट करवाने के आदेश दे चुके हैं। दोनों पक्षों की बहस के बाद अदालत ने बुधवार को पुलिस को आरोपी वकील व जुड़वा बच्चों का डीएनए टेस्ट करवाने की अनुमति दे दी।

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