एक दिन पहले ही इंडोनेशिया से रेवाड़ी पहुंचे एक दंपती को खांसी-जुकाम की शिकायत हुई। जिसके बाद दोनों जांच के लिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचें। यहां जांच के दौरान दोनों चिकित्सकों को चकमा देकर घबराकर भाग निकले। काफी मशक्कत के बाद रात 1:30 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने दोनों को ढूंढ निकाला।
इसके बाद अस्पताल में दोनों की जांच की गई और डॉक्टरों की निगरानी में 14 दिन के लिए घर में ही सेल्फ आइसोलेशन में रखा गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी दोनों सामान्य है लेकिन विभाग की निगरानी में रहेंगे।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार रेवाड़ी शहर निवासी एक दंपती कुछ दिन पहले ही इंडोनेशिया की यात्रा पर गए थे। दोनों काफी दिन बिताने के बाद शनिवार की शाम रेवाड़ी स्थित अपने घर आ गए। रात में करीब 9 बजे खांसी-जुकाम की ज्यादा शिकायत होने पर दोनों जांच के लिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। ट्रॉमा सेंटर के प्रथम तल पर बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में दोनों की अभी जांच की तैयारी चल ही रही थी।
इस दौरान दोनों चकमा देकर भाग गए। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग की टीमें देर रात तक उन्हें ढूंढती रही। आखिरकार रात करीब डेढ़ बजे दोनों के बारे में सुराग लगा। उसके बाद दोनों को फिर से ट्रॉमा सेंटर में लाया गया, जहां उनकी पूरी जांच की गई। दोनों में कोरोना जैसे कोई लक्षण नहीं मिले। फिलहाल उन्हें घर में ही आइसोलेशन कर रख दिया गया है। 14 दिन की अवधि के दौरान स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की एक टीम उन पर निगरानी रखेगी।
दोनों पति-पत्नी शनिवार की रात ही इंडोनेशिया से लौटे है। दोनों जांच के लिए ट्रॉमा सेंटर आये थे लेकिन वे घबराकर भाग गए थे। जिन्हें बाद में हमने ढूंढा और दोनों की जांच की है। 14 दिन के लिए उन्हें घर में ही आइसोलेशन में रखा गया है।
-विजयप्रकाश, डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी कोरोना वायरस।