पीजीआई में देश की पहली ऑस्टियोपोरोसिस रजिस्ट्री ऑफ इंडिया स्थापित की गई है। विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस की पूर्व संध्या पर इसे औपचारिक रूप से शुरू किया गया है। इसकी खास बात यह है कि इस ऑनलाइन माध्यम में पीजीआई के विभिन्न विभागों में इलाज करा रहे ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों को पंजीकृत किया जाएगा। शुरुआती दौर में इसके 100 मरीज पंजीकृत किए जा चुके हैं। पीजीआई के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की ओर से स्थापित इस विशेष माध्यम के तहत पंजीकृत मरीजों के लिए दो नवंबर से विशेष क्लीनिक भी संचालित किया जाएगा।
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बीमार लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज
विभाग के प्रमुख प्रो. संजय भडाडा ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस के मरीज लगभग सभी विभागों में किसी न किसी मर्ज का इलाज कराने आते हैं। ऐसे मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने व बीमारी के कारण, लक्षण और बचाव को लेकर आसान तरीका लागू कराने पर फोकस किया जाएगा। विशेष क्लीनिक में लगभग सभी अन्य विभागों के विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। इस विशेष क्लीनिक का संचालन माह के पहले मंगलवार को किया जाएगा। इसके लिए एंडोक्राइनोलॉजी के प्रत्येक बुधवार और वीरवार को संचालित होने वाले क्लीनिक के माध्यम से ही एडवांस बुकिंग की जाएगी।
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महिलाएं पुरुषों के बजाय अधिक पीड़ित
प्रो. भडाडा ने बताया कि एक वर्ष पहले चंडीगढ़ के पुरुष व महिलाओं में किए गए अध्ययन से पता चला है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में यह मर्ज ज्यादा है। अध्ययन के दौरान चंडीगढ़ को छह सेक्टरों में बांटकर रेंडम 4285 लोगों से डोर-टू-डोर प्रश्नावली भरवाई गई। इसमें पुरुषों में 18 और महिलाओं में 25 प्रतिशत ऑस्टियोपोरोसिस पाया गया। प्रो. भडाडा ने बताया कि समय रहते बीमारी के कारण का पता लगाकर उचित इलाज या प्रबंधन के जरिये इस पर काबू पाया जा सकता है।