मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल खुद को सिख भाईचारे के हकों का रक्षक कहता है लेकिन वास्तविकता में उन्होंने अपने 10 साल के कार्यकाल के दौरान राज्य में सिखों के लिए कुछ नहीं किया, बल्कि अकाली-भाजपा राज के दौरान पंजाब में बेअदबी की कई दुखदायी घटनाएं घटीं, जिन्हें रोकने और हल करने के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया। राजीव गांधी की जन्म वर्षगांठ के समय पर ही अकालियों द्वारा लगाए जाने वाले यह आरोप सिर्फ अपने किये कुकर्मों पर पर्दा डालने की एक कोशिश है।
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अकाली दल ने आनंदपुर साहिब प्रस्ताव का उल्लंघन किया
मुख्यमंत्री ने अकाली दल को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मामले पर घेरते हुए कहा कि इस मामले में अकाली दल द्वारा समर्थन देना आनंदपुर साहिब प्रस्ताव के सिद्धांतों का शर्मनाक उल्लंघन करना है। उन्होंने कहा कि कश्मीर घटनाक्रम पर समर्थन देकर अकाली दल ने सिद्ध कर दिया है कि उन्हें देश के संघीय ढांचे और इसके संविधान के फलसफे के प्रति कोई सत्कार नहीं है।
उन्होंने कहा कि आनंदपुर साहिब का प्रस्ताव देश में मजबूत संघीय ढांचा कायम करने के लिए राज्यों को अधिक अधिकार देने की वकालत करता है। प्रकाश सिंह बादल द्वारा इस मामले पर साधी चुप्पी के कारण कैप्टन ने सुखबीर बादल से पूछा कि अकाली दल अब आनंदपुर साहिब के प्रस्ताव बारे अपना स्टैंड स्पष्ट करे।