कागज मिलों की ओर से कीमतों में लगातार इजाफे का असर प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग इंडस्ट्री पर हो रहा है। कच्चे माल की बढ़ी कीमत के मद्देनजर प्रिंटर्स ने गत्ते के डिब्बे एवं कार्ड बोर्ड की कीमतों में 20 से 25 फीसदी तक का इजाफा कर दिया है।
यह वृद्धि तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है। ऑफसेट प्रिंटर्स एसोसिएशन की बुधवार की देर शाम को हुई बैठक में सदस्यों ने बाजार की स्थिति, मिलों के रुख को ध्यान में रख कर यह निर्णय लिया है।
एसोसिएशन के सदस्यों का तर्क रहा कि कुछ माह पहले ही क्राफ्ट पेपर के दाम 25 रुपये प्रति किलो थे, इनको बढ़ा कर अब 30 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है। इसके पीछे मिलें कोई ठोस कारण भी नहीं बता रही हैं।
एसोसिएशन के प्रधान परवीन अग्रवाल का कहना है कि पिछले कुछ माह से हर तरह का कच्चा माल महंगा हो रहा है। इसे अब बर्दाश्त करना कठिन हो रहा था, इसीलिए एसोसिएशन को यह फैसला लेना पड़ा।
एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट संजय गांधी ने कहा कि कागज की कीमतों में हो रही वृद्धि को चेक करने के लिए सरकार को हस्तक्षेप करना होगा। प्रिंटिंग उद्योग की भी लागत में इजाफा हो रहा है। लेबर भी काफी महंगी हो गई है।
पिछले कुछ माह में ही कागज के दाम बीस फीसदी तक बढ़ गए हैं। पुराने दाम पर माल बेच कर इंडस्ट्री का मार्जेन खत्म हो रहा था। इस अवसर पर एसोसिएशन के महासचिव कमल वढेहरा समेत कई सदस्य मौजूद रहे।