फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर-घर से कचरा उठाने के लिए इस माह नहीं मिल पाएगी निगम को गाड़ियां

विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

चंडीगढ़। एनजीटी की ओर से गठित कमेटी से किया गया अपना वादा नगर निगम इस माह पूरा नहीं कर पाएगा। निगम ने वादा किया था कि अक्तूबर माह के अंत से शहर के सभी वार्डों में घर-घर से गीला-सूखा कचरा उठने लगेगा, लेकिन निगम को इस माह कचरा उठाने के लिए 390 गाड़ियां किसी भी हाल में नहीं मिल सकेंगी। स्मार्ट सिटी ने इन गाड़ियों के लिए वीरवार को ही मुंबई की कॉन्टिनेंटल इंजन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को टेंडर दिया है और टेंडर के अनुसार, कंपनी को तीन माह के भीतर यह सभी गाड़ियां देनी होंगी। ऐसे में इस माह घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था शुरू करना संभव नहीं लग रहा। स्मार्ट सिटी में वीरवार को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक हुई। इस दौरान घर-घर से कचरा लेने वाली गाड़ियों, स्मार्ट स्कूल की नई डीपीआर को लेकर चर्चा हुई। स्मार्ट स्कूल की 2.75 करोड़ ज्यादा की डीपीआर बनी है। इस तरह अब 4 स्कूलों को स्मार्ट बनाने का प्रोजेक्ट 7.85 करोड़ पर पहुंच गया है। बोर्ड ने नई डीपीआर को सहमति दे दी।
उसके बाद गाड़ियों को लेकर चर्चा हुई। स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि टेंडर के लिए कॉन्टिनेंटल इंजन प्राइवेट लिमिटेड और टाटा मोटर्स लिमिटेड समेत कई कंपनियों ने आवेदन किया था। कंपनी को 3.5 हॉर्स पावर वाले इंजन की क्षमता के टिप्पर चाहिए। इस प्रोजेक्ट की बेस प्राइज 35 करोड़ रखी गई थी लेकिन टेक्निकल व फाइनेंशियल बिड खोलने के बाद कॉन्टिनेंटल इंजन प्राइवेट लिमिटेड ने 29 करोड़ रुपये सबसे ज्यादा आवेदन किया है। बोर्ड ने अंत में कॉन्टिनेंटल इंजन प्राइवेट लिमिटेड को टेंडर देने का फैसला किया।
विज्ञापन

आर्या ओमनी टॉक कंपनी गाड़ियों में लगाएगी जीपीएस
गाड़ियों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) भी लगेगा और प्रत्येक गाड़ी को यूनिक आईडी भी दिया जाएगा। इस काम के लिए आर्या ओमनी टॉक कंपनी को टेंडर आवंटित किया गया है। इस काम के लिए बेस प्राइज 8.5 करोड़ रखी गई थी। आर्या ओमनी टॉक को यह टेंडर 5.5 करोड़ में दिया गया है। दोनों कंपनियां आपसी तालमेल के बाद वाहन स्मार्ट सिटी को उपलब्ध कराएंगी।
विज्ञापन

10 जोन में बंटेगा शहर, स्काडा के तहत होगी निगरानी
प्रोजेक्ट के तहत शहर को 10 जोन में बांटकर गाड़ियों को संचालित किया जाएगा। इन गाड़ियों की निगरानी स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजिशन) के माध्यम से की जाएगी। स्काडा का ऑफिस सेक्टर 17 स्थित सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर में होगा। अगर कोई गाड़ी खराब हो गई या चालक गाड़ी लेकर नहीं पहुंचा तो स्काडा में बैठे कर्मचारी तत्काल दूसरी गाड़ी का प्रबंध करेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें