फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंत्री बोले- घबराए नहीं, दूध की सप्लाई रहेगी जारी, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के स्टाफ को छुट्टी

Sat, 21 Mar 2020 09:37 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
विज्ञापन

कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर पंजाब सरकार ने राज्य के सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को 31 मार्च तक छुट्टी दे दी है। उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने स्टाफ की मांग मंजूर करते हुए 31 मार्च तक छुट्टी का एलान कर दिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इन छुट्टियों के दौरान स्टाफ अपने क्षेत्र को नहीं छोड़ेगा और जरूरत पड़ने पर ड्यूटी पर हाजिर होगा।

विज्ञापन


कॉलेजों और यूनिवर्सिटी स्टाफ की ओर से उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर कहा गया था कि पंजाब सरकार की ओर से राज्य के सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में पढ़ाई का काम 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है लेकिन टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को हिदायत दी गई थी कि वह अपने-अपने संबंधित कॉलेजों यूनिवर्सिटीज में हाजिर रहे। 

अब इन कॉलेजों यूनिवर्सिटीज के टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की तरफ से मांग की गई है कि कोरोनावायरस के प्रकोप के मद्देनजर उन्हें भी विद्यार्थियों की तरह छुट्टी दी जाए। टॉप की ओर से यह भी कहा गया कि राज्य सरकार द्वारा सभी सरकारी और प्राइवेट बसों को 20 मार्च की रात से बंद करने के फैसले को देखते हुए उन्हें अपने कॉलेजों तक पहुंचने में कठिनाई होगी। इसलिए स्टाफ को भी छुट्टी दे दी जाए। 
विज्ञापन


पत्र में आगे कहा गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग और तकनीकी शिक्षा व औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग द्वारा टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ को पहले ही छुट्टी का एलान कर दिया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ को भी 31 मार्च तक अपने घरों में रहने की हिदायत दी है।

Trending Videos

सोशल मीडिया पर अफवाहों ने बढ़ाई सरकार की चिंता

सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस को लेकर इन दिनों आई सूचनाओं की बाढ़ के बीच कई तरह की अफवाहें भी चलने लगी हैं। इन अफवाहों ने एहतियाती कदम उठाने में जुटी सरकार की चिंता भी बढ़ा दी है। शुक्रवार दोपहर व्हाट्सएप पर यह सूचना चलने लगी कि पंजाब सरकार ने इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी है। 

यह सूचनातेजी से वायरल हुई, जिसे गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को खुद सोशल मीडिया पर सूचना का खंडन करना पड़ा। उन्होंने सूचना को सिरे से खारिज करते हुए लोगों को अफवाहों पर ध्यान ना देने की अपील भी की। इसके साथ ही उन्होंने अफवाहें फैलाने वाले लोगों को चेतावनी दी कि इस मामले में सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।

कैप्टन ने फेसबुक पर लिखा- मेरी पंजाबियों को विनती है कि कोई भी ऐसी खबर शेयर न करें जो डर और सनसनी पैदा करें। फोटो में जो जानकारी है, वह दावा करती है कि पंजाब सरकार इंटरनेट सेवाएं बंद करने जा रही है, जो कि झूठी और गलत है। जो भी झूठी खबरें और अफवाह फैला रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह समय अफवाहें फैलाने का नहीं बल्कि लोगों की हिम्मत बढ़ाने और सही जानकारी एक दूसरे तक पहुंचाने का है।
विज्ञापन

घबराए नहीं, दूध की सप्लाई निरंतर जारी रहेगी: रंधावा

मिल्कफैड के ब्रांड वेरका द्वारा खपतकारों को मुहैया करवाई जाने वाली सेवाओं का मुल्यांकन करते हुए सहकारिता मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने लोगों को विश्वास दिलाया है कि दूध की सप्लाई निर्विघ्न जारी रहेगी और लोगों को किसी भी तरह भयभीत होने की ज़रूरत नहीं। उन्होंने यह भी यकीन दिलाया कि मिल्कफैड किसी भी आपात स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार है।

शुक्रवार को जारी बयान में रंधावा ने कहा कि मिल्कफैड की तरफ से जहां दूध की सप्लाई बढ़ाते हुए उपभोक्ता की मांग पूरी की जा रही है। वहीं किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लंबे मियाद वाले दूध के पैकेटों और सूखे दूध की सप्लाई भी की जा रही है और स्किमड दूध और दूध पाउडर हर स्तर के वेरका बूथों, मिल्क बार और परचून की दुकानों पर उपलब्ध होगा।

उन्होंने कहा कि मार्केट में 20 टन दूध वाला का पाउडर पहले ही भेज दिया गया है और 150 टन दूध का पाउडर जो 15 लाख लीटर दूध की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है, आने वाले सात दिनों के अंदर सप्लाई कर दिया जायेगा। सहकारिता मंत्री ने लोगों को विश्वास दिलाया कि वह भयभीत न हों और मिल्कफैड हर स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय दूध की प्रोसेसिंग पिछले साल के मार्च महीने की अपेक्षा 16 प्रतिशत अधिक है जिस कारण उनका विभाग हर मांग पूरी करने का सामर्थ्य रखता है। आने वाले दिनों में वेरका की तरफ से दूध की निर्विघ्न सप्लाई जारी रहेगी।

मिल्कफैड के एमडी कमलदीप सिंह संघा ने बताया कि रोजाना का 12 लाख लीटर दूध पंजाब और पड़ोसी राज्यों को सप्लाई किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह सप्लाई तो यकीनी बनाई ही गई है, परंतु फिर भी किसी आपात स्थिति का मुकाबला करने के लिए मिल्कफैड के पास 100 से 180 दिनों तक के मियाद वाले दूध की सप्लाई भी मौजूद है जो ताजे दूध का विकल्प साबित हो सकती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें