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कोरोनाः जीएमसीएच 32 चंडीगढ़ में आठ दिन में डॉक्टरों समेत 57 संक्रमित, नहीं मिल रही पीपीई किट

Tue, 18 Aug 2020 12:50 PM IST
खुशबू गोयल वीणा तिवारी, चंडीगढ़

सार

  • कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से दहशत में डॉक्टर और अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ
  • इमरजेंसी में संक्रमण रोकने के नहीं पुख्ता प्रबंध, स्टाफ का आरोप- नहीं मिल रही पीपीई किट
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जीएमसीएच 32 में भर्ती मरीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना ने अस्पतालों को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया है। जीएमसीएच-32 में हालात चिंताजनक हैं। मात्र आठ दिन में 57 स्टाफ संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर और सिक्योरिटी गार्ड शामिल हैं।
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संक्रमण के बढ़ते दायरे से अस्पताल के डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ डरा हुआ है। उनका कहना है कि अस्पताल की इमरजेंसी में संक्रमण रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। यही वजह है कि संक्रमण बढ़ रहा है। जब तक पुख्ता कदम नहीं उठाए जाएंगे, कोरोना फैलता रहेगा।

बाहर के मरीजों को भर्ती करने पर रोक  
अस्पताल के डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों में तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी में चंडीगढ़ के बाहर के मरीजों को भर्ती करने पर रोक लगा दी है। इमरजेंसी के डॉक्टरों का कहना है कि निर्देश में साफ तौर पर कहा गया है कि बाहर के मरीजों को तब तक भर्ती न किया जाए जब तक स्थिति बेहद गंभीर ना हो।
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फिलहाल कोशिश की जाए कि चंडीगढ़ के ही मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती कर उनका इलाज किया जाए। ऐसी व्यवस्था बहाल होने के बाद इमरजेंसी की स्थिति कुछ हद तक सुधरी है। जिस इमरजेंसी में 200 स्ट्रेचर पर मरीज भरे रहते थे, वहां चंद स्ट्रेचर ही नजर आ रहे हैं।
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बिना पीपीई किट ड्यूटी कर रहे डॉक्टर-स्टाफ

अस्पताल की इमरजेंसी के सर्जरी और मेडिसिन के साथ ही लेबर रूम में कोरोना के संक्रमण का खतरा ज्यादा है। अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि इन तीन यूनिट में काम करने वाले डॉक्टर व अन्य स्टाफ पीपीई किट का प्रयोग नहीं करते। जबकि वहां सामान्य मरीजों के साथ ही कोरोना के संदिग्ध मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है।

ऐसी स्थिति में वहां ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों और स्टाफ के संपर्क में आने वाले दूसरे यूनिट के डॉक्टर व स्टाफ अनजाने में कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन को सचेत होने की जरूरत है। क्योंकि इमरजेंसी में सभी तरह के मरीज एक ही जगह पर भर्ती किए जा रहे हैं। इसलिए वहां ड्यूटी कर रहे डॉक्टर व अन्य स्टाफ को भी पीपीई किट पहनना अनिवार्य किया जाना चाहिए।  

जीएमसीएच में अगस्त में मिले पॉजिटिव केस
9 अगस्त- 11 डॉक्टर और 6 नर्सिंग ऑफिसर
12 अगस्त- 14 डॉक्टर, 11 नर्सिंग ऑफिसर और एक सुरक्षा गार्ड
16 अगस्त- 7 डॉक्टर और 7 नर्सिंग ऑफिसर

अस्पताल में कोरोना से बचाव के मानकों का हर स्तर पर कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया गया है। अस्पताल के डॉक्टर और अन्य स्टाफ के पॉजिटिव आने से व्यवस्था और चुस्त की जा रही है ताकि संक्रमण को पूरी तरह रोका जा सके।   
- डॉ रवि गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसीएच 32

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