अस्पताल की इमरजेंसी के सर्जरी और मेडिसिन के साथ ही लेबर रूम में कोरोना के संक्रमण का खतरा ज्यादा है। अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि इन तीन यूनिट में काम करने वाले डॉक्टर व अन्य स्टाफ पीपीई किट का प्रयोग नहीं करते। जबकि वहां सामान्य मरीजों के साथ ही कोरोना के संदिग्ध मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है।
ऐसी स्थिति में वहां ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों और स्टाफ के संपर्क में आने वाले दूसरे यूनिट के डॉक्टर व स्टाफ अनजाने में कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन को सचेत होने की जरूरत है। क्योंकि इमरजेंसी में सभी तरह के मरीज एक ही जगह पर भर्ती किए जा रहे हैं। इसलिए वहां ड्यूटी कर रहे डॉक्टर व अन्य स्टाफ को भी पीपीई किट पहनना अनिवार्य किया जाना चाहिए।
जीएमसीएच में अगस्त में मिले पॉजिटिव केस
9 अगस्त- 11 डॉक्टर और 6 नर्सिंग ऑफिसर
12 अगस्त- 14 डॉक्टर, 11 नर्सिंग ऑफिसर और एक सुरक्षा गार्ड
16 अगस्त- 7 डॉक्टर और 7 नर्सिंग ऑफिसर
अस्पताल में कोरोना से बचाव के मानकों का हर स्तर पर कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया गया है। अस्पताल के डॉक्टर और अन्य स्टाफ के पॉजिटिव आने से व्यवस्था और चुस्त की जा रही है ताकि संक्रमण को पूरी तरह रोका जा सके।
- डॉ रवि गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसीएच 32