सोनीपत के दवा उद्यमी से 9 लाख रुपये रिश्वत मांगने के मामले में रोहतक के केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग के गिरफ्तार अधीक्षक को सीजीएसटी आयुक्त ने रविवार को निलंबित कर दिया है। वहीं, भ्रष्टाचार में शामिल तीन अन्य आरोपियों को कर अपवंचन शाखा से मुक्त कर दिया है। राई की रिसर्च मेडिसिन प्रा.लि. कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कालरा व डायरेक्टर चंद्र मोहन की शिकायत पर सीबीआई की टीम ने सेक्टर-3 निवासी अधीक्षक कुलदीप हुड्डा को 15 अगस्त को करीब 64 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया।
इस मामले में सीबीआई की ओर से जानकारी मिलने के बाद सीजीएसटी आयुक्त ने रविवार को अवकाश के दिन कार्यालय खोलकर यह कार्रवाई की। मामले में कुलदीप हुड्डा के अलावा अधीक्षक गुरविंदर सिंह सोहल, इंस्पेक्टर रोहित मलिक व इंस्पेक्टर प्रदीप को आरोपी हैं। यह तीनों अभी सीबीआई की गिरफ्त से बाहर हैं। उधर, विभाग को अब तक सीबीआई की ओर से कोई भी लिखित पत्राचार नहीं हुआ है। इसके आने के बाद उक्त तीनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
15 अगस्त को सीबीआई ने खुलवाया था सीजीएसटी कार्यालय
सोनीपत के शिकायतकर्ता की जांच के दौरान सीबीआई की टीम ने 15 अगस्त को सीजीएसटी कार्यालय खुलवाया था। जहां पर जांच से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी। जिसे विभाग की ओर से टीम को उपलब्ध कराया गया है।